सबकुछ ठीक रहा तो इसी माह के अंत तक मेडिकल कॉलेज के नए भवन में बाल रोग, मनोरोग, नाक, कान, गले से जुड़े रोग और त्वचा रोग समेत आधा दर्जन विभागों की ओपीडी शुरू हो जाएगी। नए भवन की ओपीडी में 15 विशेषज्ञ और 10 जूनियर डॉक्टरों की तैनाती की संभावना है। इससे मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर में करोड़ों की लागत से दो भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके हैंडओवर होने के पहले ही जी प्लस-फोर श्रेणी के भवन में इसी माह के अंत में पुराने भवन में चलने वाली ओपीडी को शिफ्ट करने की तैयारी है।
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल के दोनों भवनों में एक जी प्लस-4 व दूसरा जी प्लस-7 श्रेणी का है। जी प्लस-4 श्रेणी के भवन में ओपीडी शुरू करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है, फिनिशिंग और वायरिंग का भी काम अंतिम दौर में चल रहा है।
अस्पताल के पुराने भवन में मरीजों के बढ़ने से दिक्कत हो रही थी। इसी समस्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने जी प्लस-4 भवन में बाल रोग, मनोरोग, चेस्टरोग, त्वचारोग, आर्थोरोग, ईएनटी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी से लेकर पर्चा काउंटर तक सबके संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि प्रत्येक ओपीडी में दो-दो विशेषज्ञ और एक जूनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या
14 प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर
15 सीनियर डॉक्टर
10 अन्य विभाग के डॉक्टर
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अस्पताल परिसर में जी प्लस-4 भवन की फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में है। इसी माह के अंदर में नए भवन में प्रमुख विभागों की ओपीडी चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. हरिओम कुमार सिंह, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनकर तैयार जी प्लस-4 श्रेणी का भवन। संवाद