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Kaushambi News: 180 किमी दूर भदोही में गंगा में उतराता मिला लापता मोनू सिंह का शव

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अंतिम संस्कार के दौरान लगी लोगों की भीड़। स्रोत: ग्रामीण
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11 दिन से लापता ईंट भट्ठा कारोबारी मोनू सिंह का शव घटनास्थल से करीब 180 किमी दूर भदोही जिले में गंगा नदी के किनारे मिला। ग्राम बदरी के पास मिले अज्ञात शव की पहचान पैंट की मोहरी में फंसे आधार कार्ड से हुई। भदोही पुलिस ने क्षेत्रीय थाने की पुलिस के माध्यम से परिजनों को शव मिलने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन भदोही की मर्चरी पहुंचे और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान मोनू सिंह के रूप में की। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीखपुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने गांव में अंतिम संस्कार कर दिया।
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जानकारी के मुताबिक, 16 अक्तूबर को भदोही जिले के पीआरवी-112 को कॉलर पवन तिवारी ने सूचना दी कि ग्राम बदरी में गंगा नदी के किनारे एक अज्ञात पुरुष का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने का प्रयास किया। शव काफी सड़ी-गली अवस्था में होने के कारण पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव को 72 घंटे तक सरपतहां (ज्ञानपुर) स्थित मर्चरी में रखवाया गया।
पोस्टमार्टम की कार्रवाई से पहले दोबारा निरीक्षण करने पर पैंट की मोहरी में फंसा आधार कार्ड और पैन कार्ड मिला। आधार कार्ड से मृतक की पहचान मोनू सिंह के रूप में हुई। भदोही पुलिस ने संबंधित थाने की पुलिस के माध्यम से मृतक के परिजनों को शव मिलने की जानकारी दी। परिजन बुधवार सुबह वहां पहुंचे और कपड़ों से शव की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हिनौता में ईंट भट्ठे का करते थे कारोबार
मोनू सिंह पुत्र मोहन सिंह मूल रूप से फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के भीमपुर गांव के निवासी थे। वह महेवाघाट थाना क्षेत्र के हिनौता गांव में रहकर ईंट भट्ठे का कारोबार करते थे। उनके लापता होने के बाद परिजन तलाश में जुटे थे। इससे पहले राजापुर स्थित यमुना पुल पर उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली थी।
सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने पहले गुमशुदगी की तहरीर दी थी। अब तक किसी पर आरोप लगाते हुए दूसरी तहरीर नहीं दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।

अंतिम संस्कार के दौरान लगी लोगों की भीड़। स्रोत: ग्रामीण

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