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Kaushambi News: सेना का स्वदेशी महाकुंभ, प्रहार के आगे दुश्मन के ड्रोन होंगे राख

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भारतीय सेना की ओर से न्यू कैंटमें नॉर्थ टेक सिंपोजियम के तहतरक्षा संपदा प्रदर्शनी में लगा - फोटो : shiv tripathi
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संगमनगरी इस समय केवल अध्यात्म की साक्षी नहीं है, बल्कि भारतीय सेना के उस पराक्रम और स्वाभिमान की गवाह बन रही है जो पूरी दुनिया को अचंभित करने के लिए काफी है। नार्थ टेक सिंपोजियम के मंच पर सजी स्वदेशी हथियार गैलरी ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब युद्ध के मैदान में केवल रक्षक नहीं, बल्कि विनाशक तकनीक का निर्माता भी है। 284 रक्षा दिग्गजों की मौजूदगी के बावजूद, सेना के जांबाजों द्वारा तैयार की गई यह गैलरी आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरी है।
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इस पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा ‘प्रहार’ सिस्टम की हो रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अदम्य शक्ति से लैस ‘प्रहार’ प्रणाली दुश्मनों के ड्रोन के लिए काल साबित होने वाली है। पलक झपकते ही आसमान में दुश्मन के मंसूबों को राख कर देने वाली यह तकनीक पूरी तरह से भारतीय मेधा और मेहनत से तैयार हुई है।
इसके साथ अग्निरथ और शाद जैसे नवाचारों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब विध्वंसक तकनीक का नया पावरहाउस बन चुका है। सूक्ष्म चिप्स से लेकर जटिल रडार प्रणालियों और मानवरहित विमानों तक, यहां सेना ने तकनीक का एक ऐसा संसार खड़ा किया है जो भविष्य के युद्धों की दिशा बदलने का सामर्थ्य रखता है।
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इस गैलरी की सबसे अनूठी बात यह है कि यहां किसी मल्टीनेशनल कंपनी के सूट-बूट वाले सेल्स प्रोफेशनल्स तकनीक नहीं समझा रहे, बल्कि सरहद के मोर्चे पर तैनात वर्दीधारी जांबाज खुद अपने आविष्कारों का प्रेजेंटेशन दे रहे हैं। यह सेना की उस बौद्धिक शक्ति का लोहा मनवाने वाला दृश्य है जो सीमाओं की रक्षा के साथ लैब में भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने का माद्दा रखती है। यहां 18 से ज्यादा स्टॉल पर जवान खुद ही अपने विध्वंसक हथियारों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
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