चायल। तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे वकीलों ने अब उग्र तेवर अख्तियार करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को बैठक करके इसकी रूपरेखा तय की गई। फैसला किया गया है कि अब अधिवक्ता सोमवार को चायल-मनौरी मार्ग पर चक्काजाम करते हुए सड़क पर ही धरना देंगे।
बता दें कि चायल तहसील में कार्यरत तहसीलदार की कार्यप्रणाली से खफा अधिवक्ता 25 दिनों से धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को अनशनकारी वकीलोें ने दो घंटे की बैठक की। इसमें अब आंदोलन को उग्र करने का निर्णय लिया गया। चायल तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लालबाबू ने बताया कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके तहत सोमवार को अधिवक्ता चायल-मनौरी मार्ग पर चक्काजाम करते हुए वहीं सड़क पर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता मांगे पूरी होने तक अनशन जारी रखेगें।
तहसीलदार के तबादले के लिए वह हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। बता दें कि वकीलों का आरोप है कि चायल तहसील में आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को कई-कई दिनों तक दौड़ाया जाता है। साथ ही दाखिल खारिज के लिए भी लोगों को महीनों परेशान किया जाता है। शिकायत के बाद भी तहसीलदार की कार्यप्रणाली और यहां की अव्यवस्था में कोई सुधार नहीं किए जाने पर अधिवक्ताओं ने यह कदम उठाया है। इस मौके पर सुनील त्रिपाठी, दीपक सिंह, मोहम्मद आमिर, मूलचंद्र, धनंजय, प्रदीप कुमार, सगीर अहमद, दिनेश कुमार, धर्मराज ओझा, उमाकांत, रामकुमार, मानसिंह, संगीर अहमद, सुखलाल, धनंजय, राजेश्वर, बांकेलाल, धारा सिह, अमर सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।