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प्रशासन को खबर नहीं कई परिवारों का हो गया धर्मांतरण

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जिले में धर्मांतरण का खेल काफी दिनों से चल रहा है। जिले में कई परिवारों का धर्मांतरण हो गया, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक नहीं लगी है। हालांकि, इन लोगों का धर्म परिवर्तन कराने में किसकी भूमिका है अभी यह साफ नहीं हो सका है। धर्मांतरण मामले में पकड़े गए उमर गौतम के कुबूलनामे के बाद जिले में एक मदरसे पर खुफिया विभाग की निगाह है। फिलहाल खुफिया विभाग का कहना है कि उनके पास धर्मांतरण से जुड़ा कोई मामला नहीं आया है।
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सैनी कोतवाली के केसरिया में रहने वाले एक व्यक्ति ने करीब 20 साल पहले धर्मांतरण अपना नाम अकबर अली रख लिया था। बाद में संदिग्ध हालत में लगी आग से उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद उसका परिवार कड़ाधाम कोतवाली के घोसियाना में जाकर रहने लगा।
अब परिवार के लोग भी इस्लाम धर्म को ही मानते हैं। इसी तरह थुलगुला के चार अनुसूचित जाति के परिवार भी धर्मांतरण कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार ये परिवार चोरी छिपे मस्जिद भी जाते हैं। बताया जा रहा है कि मंझनपुर के एक व्यक्ति ने कुछ वर्ष पहले प्रेम विवाह के लिए धर्मांतरण कर लिया था।
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हालांकि इनके धर्मांतरण के पीछे किसकी भूमिका रही यह साफ नहीं हो सका है। अब धर्मांतरण मामले को लेकर पकड़े गए उमर गौतम के कुबूलनामे के बाद प्रदेश सरकार पूरे प्रकरण की जांच करा रही है। पिछले दिनों जिले का एक मदरसा भी सुर्खियों में आया था।
खुफिया विभाग की टीम ने वहां की जांच की तो पता चला कि मदरसे में बाहर से फंडिंग भी होती है। फिलहाल, खुफिया विभाग की टीम ने वहां से कई लोगों के बैंक खातों के नंबर हासिल कर जांच शुरू कर दी है। अभिसूचना विभाग के इंस्पेक्टर प्रेम कुशवाहा का कहना है कि जब धर्मांतरण से जुड़ा शिकायती पत्र प्राप्त होता है तो उसकी गहनता से जांच की जाती है। धर्मांतरण करने के पीछे क्या कारण रहा? इसकी रिपोर्ट तैयार की जाती है। फिलहाल, अभिसूचना विभाग के पास ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
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