सख्त पहरे के बीच दोआबा के पांच विद्यालयों में रविवार को शिक्षक पात्रता (टीईटी) परीक्षा हुई। दोनों पालियों में अप्रत्याशित रूप से ढाई हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। ऐसे में सिर्फ 6716 छात्र ही परीक्षा में शामिल हुए। शाम पांच बजे सकुशल परीक्षा सम्पन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में 9292 छात्रों को शामिल होना था। इसके लिए जिले के रिजवी इंजीनियरिंग कॉलेज करारी, करारी इंटर कॉलेज करारी, महगांव इंटर कॉलेज महगांव, एमवीआईटी कोइलहा तथा नेशनल इंटर कॉलेज भरवारी को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए अलग-अलग दो पालियों में आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए गए थे। शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशासन की ओर से अलग-अलग अफसरों को स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाकर प्रत्येक सेंटर पर तैनात किया गया था। रविवार को स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला केंद्रों के अंदर बाहर मुस्तैद रहा।
एसडीएम और सीओ अपने-अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते दिखे। परीक्षा को लेकर जिले में सुबह से गहमागहमी बनी रही। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुबह दस से साढ़े 12 बजे तक प्राथमिक शिक्षकों की परीक्षा कराई गई थी। इसमें 4656 की जगह 3357 छात्र ही परीक्षा में शामिल हुए। प्रथम पाली में 27.8 फीसदी छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। ऐसा ही कुछ हाल द्वितीय पाली में आयोजित उच्च प्राथमिक शिक्षकों की परीक्षा के दौरान देखने को मिला। इसमें भी 4636 की जगह केवल 3357 छात्रों ने ही परीक्षा में हिस्सा लिया। दोनों पालियों में कुल मिलाकर 2576 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
कोषागार में जमा हुईं उत्तर पुस्तिकाएं
शाम पांच बजे परीक्षा खत्म होने के बाद सभी सेंटरों की उत्तर पुस्तिकाएं कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यालय लाई गईं। यहां सख्त पहरे के बीच कोषागार कार्यालय के स्ट्रांग रूम में जमा कर दिया गया। डीआईओएस ने बताया कि जल्द ही उत्तर पुस्तिकाएं सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचा दी जाएंगी। शांतिपूर्ण परीक्षा के बाद सकुशल कॉपियां सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
दिन भर उड़ती रहीं अफवाहें
टीईटी के दौरान जिले में अफवाहों का बाजार गर्म रहा। लोग नकल का जुगाड़ खोजने के साथ ही अफवाह भी उड़ाते रहे। इसे लेकर अफसर भी परेशान रहे। बहराल देर शाम परीक्षा खत्म होने तक कहीं से भी कोई अप्रिय सूचना नहीं मिलने से सभी ने राहत महसूस की।