समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए परेशान किसानों के लिए खुशखबरी है। जिले में बंद किए गए पीसीएफ के दस क्रय केंद्र फिर से खोल दिए गए हैं। ऐसे में अब 21 केंद्रों पर धान खरीद शुरू हो गई है। दो दिन पहले किसानों ने इसे लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से शिकायत की थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर क्रय केंद्र पुन: खोला गया है।
जिले में शासन से 79 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। अभी तक तकरीबन 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धान खरीद के लिए कुल 37 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से खाद्य विभाग के दस व एफसीआई के एक समेत 11 केंद्रों को छोड़कर शेष 26 केंद्र एक-एक कर बंद कर दिए गए थे। शुरूआत में शासन ने पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन टोकन प्रक्रिया शुरू की थी।
किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट से ऑनलाइन टोकन लेना पड़ रहा था। सुबह दस बजे वेबसाइट खुलते ही ऑनलाइन स्लॉट बुक हो जाते थे। आठ जनवरी से ऑफलाइन खरीद शुरू की गई लेकिन उसके बाद मौसम का मिजाज बिगड़ गया। धान भीगने से किसान उसे बेचने के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। किसानों को औने-पौने दाम पर आढ़तियों के हाथ धान बेचना पड़ रहा था।
दो दिन पहले क्षेत्रीय किसानों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मामले की शिकायत की थी। जिसके बाद शासकीय फरमान पर डीएम सुजीत कुमार ने सोमवार से पीसीएफ के बंद चल रहे दस केंद्रों पर फिर से धान खरीद शुरू करा दी है। डिप्टी आरएमओ अंशुमाली शंकर ने बताया कि बुधवार से जिले भर के 21 केंद्रों पर धान की तौल शुरू करा दी गई है।