मंझनपुर (ब्यूरो)। कनवार के बजाय अजुहा तक की सवारियां लेकर चले आने पर चालान से भड़के टेंपो चालकों ने बृहस्पतिवार को एआरटीओ दफ्तर आकर प्रदर्शन किया। उप संभागीय परिवहन अधिकारी से सवारियां लेकर अजुहा तक आने की छूट मांगी। मांग पूरी नहीं होने पर चालकों ने धरना देने की चेतावनी भी दी।
सीमावर्ती जिले फतेहपुर के खागा बाजार अजुहा तक की सवारियां ढोने वाले टेंपो चालकों ने एआरटीओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को मोर्चा खोल दिया। टेंपो चालक परमानंद मिश्र, स्वामीदीन, परवेज अहमद, श्याम किशोर, कमलेश सिंह, रमाकांत यादव, राकेश कुमार, सिकंदर, राजू, रीतेश कुमार, शिवकरन आदि ने बताया कि उनके पास खागा से कनवार गांव तक सवारियां लाने-ले जाने का परमिट है। पर, कनवार सिर्फ गांव है। ऐसे में वे बगल में स्थित अजुहा तक सवारियां लेकर आ जाते हैं।
अजुहा आने पर यहां उनका चालान कर दिया जाता है। जबकि कौशाम्बी के टेंपो चालक जिनके पास कोई परमिट नही है। उनका चालान नहीं किया जाता है। इस मनमानी से परेशान खागा-अजुहा मार्ग के टेंपो चालकों ने बृहस्पतिवार को सड़क पर टेंपो नहीं निकाला। चक्काजाम करके अपना गुस्सा जताने वाले टेंपो चालकों ने मंझनपुर स्थित उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय आकर प्रदर्शन किया। एआरटीओ को ज्ञापन देकर खागा से कनवार के बदले अजुहा बाजार तक सवारियां लेकर आने की छूट देने की मांग की। टेंपो चालकों ने कहाकि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। वहीं एआरटीओ केडी सिंह ने बताया कि जब टेंपो चालकों के पास खागा से कनवार के बीच चलने की परमिट है, तो उन्हें अजुहा सवारियां लेकर नहीं आना चाहिए। बगैर परमिट सवारियां लेकर आते-जाते मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।