पइंसा कोतवाली के रामसहायपुर गांव में किशोरी ने कमरे में खुद को बंद कर फांसी लगा ली। घटना देख परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर किशोरी को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। घटना से परिजनों में कोहराम है।
रामसहायपुर निवासी विजय पांडेय सड़क बनाने वाले ठेकेदार के यहां मेठ का काम करते हैं। उनके दो बेटी व एक बेटे में राधा देवी (17) सबसे छोटी थी। हाईस्कूल के बाद राधा ने पढ़ाई छोड़ दी थी।
राधा की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। घरवालों के मुताबिक शुक्रवार सुबह विजय काम पर गए थे। बेटा भी कहीं गया था। घर में राधा व उसकी मां थी। कुछ देर बाद राधा अपने कमरे में चली गई। मां ने उसे आवाज दी तो कोई उत्तर नहीं मिला। कमरे में जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर उसने पति को फोन कर खबर दी।
पुलिस को सूचना देने के साथ विजय घर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो राधा का शव फंदे से लटक रहा था। आननफानन फंदा काटकर राधा को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाबत परिवार के लोग कुछ बता नहीं पा रहे हैं।
चर्चा रही कि घरवाले राधा की शादी करना चाहते थे। राधा रिश्ते से सहमत नहीं थी। इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया है। थानाध्यक्ष रजनीकांत राजपूत ने बताया कि खुदकुशी के सही कारण का पता नहीं चल सका। परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं।