प्रेमिका से पत्नी बनी त्रिपुरा की बसंती को किराये के आवास में छोड़कर फरार हुए सिपाही दीपक कुमार के खिलाफ सदर कोतवाली में उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज सहित अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सिपाही बिना सूचना ड्यूटी से भी गायब है। इस वजह से पहले ही उसके खिलाफ पुलिस लाइन में रपट लिखी जा चुकी है।
नॉर्थ त्रिपुरा के रानीबारी की रहने वाली बसंती कर्मकार पुत्री सूजोई कर्मकार प्राइवेट बैंक में नौकरी करती थी। बसंती के मुताबिक वर्ष 2020 में फेसबुक के जरिये उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद के नगला कुंजी थाना गोंडा का दीपक उसके संपर्क में आया। इसके बाद दोनों में प्रेम संबंध हो गए और वे एक-दूसरे से मिलने लगे। इस बीच दीपक पुलिस में सिपाही हो गया और उसकी तैनाती कौशाम्बी में हुई।
सात महीने पहले दीपक ने धर्मनगर नॉर्थ त्रिपुरा की अदालत में बसंती के साथ कोर्ट मैरिज कर ली और उसे लेकर सदर कोतवाली के ओसा में किराये के कमरे में रहने लगा। इस दौरान बसंती गर्भवती हो गई। इसकी भनक लगने के बाद दो जुलाई को दीपक बिना बताए ड्यूटी से गायब हो गया। आरआई लाइन ने तीन जुलाई को उसके खिलाफ रपट लिखाई।
इधर, बसंती को फोन पर धमकी दी जाने लगी। इसकी शिकायत उसने एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव से की। एसपी ने पहले सिपाही को बुलाकर समझौता कराना चाहा। बात नहीं बनने पर शुक्रवार को सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी सिपाही दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर संतोष शर्मा का कहना है उत्पीड़न सहित कई गंभीर धारा में मुकदमा लिखा गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बसंती की मानें तो ओसा स्थित जिस मकान में वह पति के साथ किराये पर रहती है, उसके मकान मालिक ने बृहस्पतिवार की रात घर से निकाल दिया। घर में मकान मालिक ने ताला बंद कर दिया। इसके बाद उसने किसी तरह एक झोपड़ी में रात काटी। शुक्रवार सुबह पीड़िता ने एसपी को आपबीती सुनाई। बसंती के मुताबिक एसपी के निर्देश पर पुलिस ऑफिस के पीछे उसे एक सरकारी आवास रहने के लिए दिया गया है। भोजन की व्यवस्था मेस से कराई गई है। संवाद
पीड़िता का कहना है कि वह घर से दो हजार किलोमीटर दूर बेवफा प्रेमी के भरोसे चली आई। परदेस में उसकी मदद करने वाला कोई नहीं था। पति सिपाही है इसलिए पुलिस के अफसर भी उसकी नहीं सुन रहे थे। उसे वापस त्रिपुरा भेजने का दबाव बनाया जा रहा था। इस पर अमर उजाला ने उसकी मदद की। अमर उजाला की खबरों से हरकत में आए अफसरों ने न सिर्फ आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, बल्कि उसके रहने व खाने की व्यवस्था भी कराई। अब वह इंसाफ के लिए मरते दम तक यहीं रहकर कानूनी लड़ाई लड़ेगी।