सरायअकिल कोतवाली के नेवादा गांव में शनिवार शाम ओवरलोड बालू लदे डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। जिससे बाइक पर बैठा किशोर छिटककर डंपर के पहियों के नीचे आ गया और कुचलने से किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहा उसका साथी बाल-बाल बच गया।
राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा, लेकिन परिजनों ने डंपर मालिक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि पुलिस के कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हासिमपुर किनार गांव निवासी सोहनलाल प्रजापति राजगीर का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम उनका बेटा रीशू (17) पड़ोस के अपने दोस्त मस्तान को बाइक से छोड़ने तिल्हापुरमोड़ जा रहा था। बाइक मस्तान चला रहा था, जबकि उनका बेटा पीछे बैठा था।
जैसे ही दोनों नेवादा गांव पहुंचे, वैसे ही ओवरलोड बालू लदे डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उनका बेटा छिटककर डंपर के पहिये के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथी मस्तान बाल-बाल बच गया।
दो घंटे तक सड़क पर शव रखकर किया चक्का जाम
दुर्घटना के बाद डंपर का चालक वाहन समेत मौके से भाग निकला। सूचना पर रोते-बिलखते परिवार के लोग और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। नाराज ग्रामीण मौके पर डंपर मालिक को बुलाने की मांग को लेकर पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। करीब दो घंटे तक शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया।
पुलिस और पूर्व जिपंस जितेंद्र कुमार ने किसी तरह परिवार के लोगों को समझाया, तब जाकर परिवार के लोग राजी हुए। हादसे में जान गंवाने वाला रिशू दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, परिवार वालों की तहरीर पर वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक सिंह, सीओ
घटना के बाद रोती-बिलखती बड़ी मां को पानी पिलाता युवक। संवाद
घटना के बाद रोती-बिलखती बड़ी मां को पानी पिलाता युवक। संवाद