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बालू भंडारण की जांच के लिए लखनऊ से पहुंची टीम

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चायल तहसील क्षेत्र में बालू भंडारण की जांच के लिए मंगलवार को लखनऊ से टीम आ धमकी। टीम ने यमुना की तराई सहित नेवादा क्षेत्र के दर्जन भर स्थानों पर डंप की गई बालू की जांच की। इस दौरान टीम को करोड़ों रुपये कीमती बालू डंप मिली। टीम डंप बालू की जांच कर शाम को वापस चली गई। इसे लेकर दिन भर बालू कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
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चायल तहसील क्षेत्र में कई स्थानों पर बालू डंप की गई है। एक सप्ताह पहले क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक रोशन जैकब से की थी। शिकायतकर्ताओं ने मामले में स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बालू कारोबारियों के खिलाफ जांच कराने की मांग की थी।
शिकायत के बाद मंगलवार को लखनऊ से भूतत्व और खनिकर्म विभाग की टीम जांच के लिए आ धमकी तो इलाके के बालू कारोबारियों में हड़कंप मच गया। निदेशक की तरफ से शिकायत की जांच के लिए भेजी गई टीम में भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ के भू वैज्ञानिक आरपी सिंह, सहायक रसायनज्ञ हवलदार यादव, प्रयागराज के खनन निरीक्षक पीपी जायसवाल, खनन पर्यवेक्षक योगेश शुक्ला व नायब तहसीलदार दीक्षा पांडेय शामिल रहे।
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टीम को क्षेत्र के कोटिया, जरैनी, इमलीगांव व तिल्हापुर गांव में भारी मात्रा में बालू डंप मिली है। जांच के दौरान टीम को कुछ स्थानों नियम विरुद्ध बालू डंप मिली। जांच-पड़ताल करने के बाद टीम वापस लखनऊ रवाना होगा। नायब तहसीलदार ने बताया कि दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट निदेशलय को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बालू के पहाड़ देख जांच टीम को छूटे पसीने
क्षेत्र में भंडारण होने के कारण गांवों में डंप की गई बालू से बड़े-बड़े पहाड़ बन गए हैं। चायल क्षेत्र के तिलगोड़ी, नेवादा, अमवा और गोविंदपुर मे बालू के पहाड़ देख जांच टीम के पसीने छूट गए। टीम ने जीपीएस के जरिये डंप बालू की नाप कर रिपोर्ट तैयार की है।
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