भरवारी। मांगों को लेकर बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे अध्यापक चौथे दिन बृहस्पतिवार को दो धड़े में बंट गए। राजकीय स्कूल के साथ दूसरे धड़े के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रदर्शनकारी साथियों के विरोध को दरकिनार करते हुए मूल्यांकन शुरू कर दिया है। मूल्यांकन केंद्र की नियंत्रक रेखा सिंह का दावा है कि 20 फीसदी निरीक्षक मूल्यांकन करने लगे हैं। पहले दिन इन अध्यापकों ने कुल 709 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की।
बता दें कि वित्तविहीन स्कूल के अध्यापकों को मानदेय देने, तदर्थ शिक्षा के विनियमितीकरण और पुरानी पेंशन नीति लागू करने आदि मांगों को लेकर माध्यमिक स्कूलों के अध्यापकों ने बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार किया है। तीन दिन तक जिले भर के सभी अध्यापक माध्यमिक शिक्षक संघ के इस प्रदर्शन में शामिल होकर मूल्यांकन केंद्र पर धरना देने के साथ शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरते रहे। पर, बृहस्पतिवार को शिक्षक दो धड़े में बंट गए।
शिक्षकों का एक धड़ा और राजकीय स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रदर्शनकारी धड़े के विरोध को दरकिनार करते हुए मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया, जबकि दूसरा धड़ा बृहस्पतिवार को भी मूल्यांकन कार्य से खुद को दूर रखते हुए धरने पर हुंकार भरता रहा। प्रदर्शन कर रहे इन अध्यापकों का ऐलान है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं वे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेंगे।
उधर, मूल्यांकन कार्य की नियंत्रक बनाई गई कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल भरवारी की प्रिंसिपल रेखा सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को 20 फीसदी अध्यापकों ने मूल्यांकन कार्य किया है। बताया कि इस दौरान हाईस्कूल की 700 और इंटरमीडिएट की कुल नौ उत्तरपुस्तिकाओं की जांच अध्यापकों ने की। साथ ही डीआईओएस ने मूल्यांकन ड्यूटी में लगाए गए सभी अध्यापकों को नोटिस जारी करते हुए शुक्रवार से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है। चेताया है कि गैरहाजिरी पर कार्रवाई की जाएगी।