मंझनपुर। प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में फर्जी डिग्रीधारकों ने भी साठगांठ करके कांउसलिंग करा ली है। यह धांधली विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से हुई है। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने धांधली की यह शिकायत शिक्षा निदेशालय में करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। उसकी मानें तो कौशाम्बी में ऐसे 35 युवक-युवतियों ने शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए काउंसलिंग कराई है, जिनकी मार्कशीट जाली है।
बेसिक शिक्षा विभाग में इन दिनों 15 हजार सहायक शिक्षकों के भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षक पद के लिए कौशाम्बी में 496 अभ्यर्थियों ने कांउसलिंग कराई है। बताया जाता है कि काउंसलिंग में 35 ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थी दिखे, जो इसके पहले भी शिक्षक पद पर हुई भर्तियों में कांउसलिंग करा चुके हैं। पर, चयन में इनका फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उनकी नियुक्ति नहीं हो पा सकी। इधर, इस बार की भर्ती के दौरान पंचायत चुनाव में अफसरों की व्यस्तता के कारण इन फर्जी मार्कशीट धारकों ने अपनी कांउसलिंग करा ली है। इसकी जानकारी मेड़ुआ सलेमपुर के आरटीआई कार्यकर्ता हीरेन्द्र सिंह को हुई, तो उन्होंने मामले की शिकायत शिक्षा निदेशालय के साथ मुख्यमंत्री को भी शिकायतीपत्र फैक्स करके की।
उन्होंने मुख्यमंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों से इसकी गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। बता दें कि शिक्षक भर्ती में कौशाम्बी के डायट और बेसिक शिक्षा विभाग के बाबुओं की भूमिका हमेशा ही सुर्खियों में रही है। कई बार जांच में फर्जी अभ्यर्थी पकड़े भी जा चुके हैं। इसके बाद भी इनके खिलाफ विभाग ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की है। मामले में बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार यादव से बात करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल ही स्विच आफ मिला।