मंझनपुर। सरायअकिल कोतवाली के मोहिद्दीनुपर सड़वा गांव में एक टीबी मरीज की शनिवार रात को मौत हो गई। घर के पीछे का दरवाजा खुला होने के कारण अंदर घुसे जंगली जानवर ने उसके चेहरे को नोच लिया। रविवार सुबह खून से लथपथ क्षतिग्रस्त शव देख परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
मोहिद्दीनपुर निवासी कामता प्रसाद (45) ने शादी नहीं की थी। वह अपने बड़े भाई के बेटे मनोज के साथ घर के पिछले हिस्से में रहते थे। वह काफी दिनों से टीबी से ग्रस्त थे। परिजन सरकारी अस्पताल से उनका इलाज करा रहे थे। शनिवार रात सोने से पहले वह घर के पीछे का दरवाजा बंद करना भूल गए। आधी रात को बीमारी के चलते उसकी सांसें थम गईं।
बस्ती के बाहर घर होने के कारण रात में ही जंगली जानवर उनके कमरे में घुस आया और चेहरे को नोच ले गया। सुबह परिजन घर के पीछे पहुंचे तो कामता का क्षत-विक्षत शव देख रोने लगे। मनोज ने बताया कि मृतक का चेहरा पूरी तरह से खराब हो गया था। सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जहरीले जंतु के काटने के अंदेशे पर पुलिस को दी गई थी सूचना
मनोज ने बताया कि पहले लगा कि जहरीले जंतु के काटने से मौत हुई है। इसीलिए पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत की पुष्टि बीमारी से हुई है। इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मौत की बात सामने आई है।