स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व पश्चिमशरीरा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को पूरब सरावां स्थित नलकूप के पीछे अवैध तमंचा फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 10 तमंचे व चार अर्द्धनिर्मित तमंचे बरामद किए गए हैं। इसके अलावा मौके पर अवैध असलहा बनाने के उपकरण भी मिले हैं।
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूरब सरावां नहर पुलिया के पास स्थित नलकूप के पीछे अवैध असलहा फैक्ट्री की जानकारी मिली थी। इस पर थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी व एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह ने एक साथ घेराबंदी की।
वहां तमंचा बनाते पूरब सरावां गांव के शिवपूजन यादव और फतेहपुर जिले के धाता कोतवाली इलाके के सेमरी गांव निवासी गजेंद्र सोनकर को पकड़ा गया है। एसपी के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों के पास से छह तमंचे 315 बोर, एक 32 बोर रिवॉल्वर, तीन तमंचे 12 बोर चालू हालत में बरामद हुए।
इसके अलावा तीन 12 बोर व एक 315 बोर का अर्द्धनिर्मित तमंचा और सात कारतूस मिले हैं। इतना ही नहीं तमंचा बनाने के प्रयोग में आने वाले भारी तादात में उपकरण भी बरामद हुए हैं। एसपी ने माना कि हो सकता है कि निकाय चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह तमंचे बनाए जा रहे थे। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
गजेंद्र के खिलाफ दर्ज हैं कई मुकदमे
एसपी ने बताया कि गजेंद्र सोनकर 2017 में फतेहपुर के धाता, 2019 में मंझनपुर और फतेहपुर के खागा कोतवाली इलाके से अवैध शस्त्र रखने के मामले में जेल भेजा जा चुका है। अब पश्चिमशरीरा कोतवाली में भी उसके खिलाफ तमंचा फैक्ट्री संचालित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।