डीएम साहब! जरा देखिए मातहत क्या कर रहे हैं। यह सवाल किसी राजनीतिक दल के नेता का नहीं है। यह सवाल न्याय के लिए दर-दर भटक रहे फरियादियों की तहसील दिवस में आई शिकायतों का है। मंगलवार को भारी संख्या में आई फरियादों को देख यह स्पष्ट हो रहा है कि मातहतों द्वारा फरियादियों की समस्या का हल नहीं किया जा रहा है।
मंगलवार को जिले में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। डीएम अखंड प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तहसील दिवस सिराथू में हुआ। यहां पर डीएम के समक्ष कुल 275 फरियादियों ने शिकायती पत्र देकर न्याय की फरियाद की। इनमें में राजस्व के 80, पुलिस के 50, विकास विभाग के 25 मामलों समेत अन्य विभागों की शिकायतें रही। आई शिकायतों में डीएम ने 14 का निस्तारण मौके पर कराया। बाकी के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश मातहतों को दिया। मंझनपुर तहसील दिवस में सुनवाई एसडीएम लालजी मिश्र ने किया। यहां पर कुल 171 फरियादियों ने न्याय की गुहार लगाई।
एसडीएम ने पांच का मौके पर निस्तारण कर बाकी की जिम्मेदारी मातहतों को दी। इसी तरह चायल में एसडीएम अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को 60 शिकायती पत्र मिले। इनमें से उन्होंने चार का मौके पर निस्तारण कर बाकी की जिम्मेदारी मातहतों को दी। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में आई कुल 456 शिकायतों में सबसे अधिक राजस्व विभाग की रहीं। तहसील दिवस में भारी संख्या में आई शिकायतें जिले के डीएम से यह सवाल करने लगी हैं कि जरा देखिए क्या कर रहे हैं मातहत। कुछ भी हो तहसील दिवस में भारी संख्या में आई शिकायतों ने यह बता दिया है कि फरियादियों को विभागाध्यक्षों से न्याय नहीं मिल रहा है। जिला स्तरीय तहसील दिवस में सीएमओ डॉ. यूबी सिंह, अपर उपजिलाधिकारी अभिलाष त्रिपाठी, डीडीओ महेंद्र पांडेय, बीएसए डीएस यादव, एसडीएम विवेक चतुर्वेदी समेत तमाम विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।