महमूदपुर मनौरी में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट का कारण सिलिंडर का फटना भी हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि फैक्टरी से सटे कारखाने में बूंदी बनाने के दौरान सिलिंडर फटा, जिसकी आग बारूद तक पहुंची और धमाकों ने तबाही मचा दी। फिलहाल, घटना की जांच अभी चल रही है।
प्रयागराज के बिहिका पूरामुफ्ती निवासी धारासिंह केशरवानी पटाखा फैक्टरी के बगल बूंदी बनाने का कारखाना चलाता था। पक्सराई गांव निवासी दिव्यांग कारीगर सुनील कुमार कुशवाहा सोमवार को साथी साझिया निवासी ज्ञान सिंह के साथ गैस सिलिंडर की भट्ठी पर बूंदी बना रहा था। फैक्टरी और कारखाने के बीच महज चार इंच की ईंट की दीवार थी। उस पर प्लास्टर भी नहीं था।
विस्फोट इतना भीषण था कि पूरा इलाका दहल उठा। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। आसपास के पांच मकान मलबे में तब्दील हो गए। घटना के दूसरे दिन मंगलवार को कारखाने से दूर मलबे में सुनील के हाथ-पैर के टुकड़े मिले। बूंदी बनाने में इस्तेमाल होने वाली मोटे लोहे की बड़ी कड़ाही करीब 150 मीटर दूर धान के खेत में मिली।