कार में बैठकर राज्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होने वाले जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) पर कार्रवाई में फेरबदल कर दिया गया। डीएचओ के रवैये से नाराज राज्यमंत्री ने उन्हें निलंबित करने के आदेश दिए थे। अब उन्हें मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है।
बीती 11 सितंबर को उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा की थी। कौशाम्बी में तैनात डीएचओ अवधेश मिश्रा भी इसमें कार में सफर करते हुए हिस्सा लिया।
बैठक में शामिल रहे अन्य अफसर बताते हैं कि डीएचओ की इस कार्यशैली पर राज्यमंत्री खासा नाराज हुए। साथ ही उन्हें निलंबित करने का आदेश दिया था। फिर एकाएक कुछ ऐसा हुआ कि डीएचओ के निलंबन का आदेश सिर्फ उन्हें लखनऊ मुख्यालय से संबद्धता तक सीमित रह गया।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक डॉ. वीबी द्विवेदी ने डीएचओ को लखनऊ मुख्यालय संबद्ध करके उन्नाव के जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम भाष्कर को जिले का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। निलंबन के आदेश का संबद्धता में बदलना पूरे विभाग में चर्चा का विषय बना है।
जिस वक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चल रही थी उस समय विभागीय काम के सिलसिले में मैं फील्ड में निकला था। इसलिए कार में ही बैठकर कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुआ। इसी बात पर मुझे संबद्ध तो किया गया है, लेकिन निलंबन की कार्रवाई की बात पूरी तरह गलत है।
अवधेश मिश्रा, जिला उद्यान अधिकारी
विभागीय राज्यमंत्री की ओर से बैठक के दौरान कौशाम्बी के डीएचओ को निलंबित करने का आदेश दिया गया था। बाद में शायद डीएचओ उनसे मिलने गए थे, उन्होंने बातचीत के दौरान अपना पक्ष रखा होगा। इसी के बाद निलंबन से बचा दिया गया है। सिर्फ लखनऊ मुख्यालय से ही उन्हें संबद्ध किया गया है।
केएम चौधरी, उपनिदेशक, उद्यान