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Kaushambi News: जमीन पर पढ़ाई और धूप में बैठकर हो रहा भोजन

Mon, 04 May 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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सौरई बुजुर्ग कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास में पढ़ते बच्चे। संवाद
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प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के कारण कहीं बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त कमरे नहीं हैं, तो कहीं बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों में किचन शेड न होने से बच्चे धूप में बैठकर मिड-डे मील खाते दिखे।
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प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे अब भी जमीन पर



सिपाह प्रथम कंपोजिट विद्यालय में कुल 242 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां सात अध्यापक, दो अनुदेशक और एक शिक्षा मित्र तैनात हैं। विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था है, लेकिन कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे आज भी जमीन पर पट्टी बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
तीन कमरों में पांच कक्षाएं, धूप में खाना

सिपाह द्वितीय प्राथमिक विद्यालय में 72 बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें दो अध्यापक और दो शिक्षा मित्र पढ़ाते हैं। विद्यालय में कुल चार कमरे हैं, जिनमें एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है और बाकी तीन कमरों में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। यहां किचन शेड नहीं है, जिससे बच्चे धूप में जमीन पर बैठकर मिड-डे मील खाने को मजबूर हैं। शौचालय की स्थिति भी बेहद खराब है।
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एक कक्षा स्कूल के लॉन में


जहांगीराबाद प्राथमिक विद्यालय में कुल 132 बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां कुल चार कमरे हैं, जबकि कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। कमरों की कमी के कारण एक कक्षा विद्यालय के लॉन में चलाई जाती है।

बेहतर व्यवस्था बना मिसाल

सौरई बुजुर्ग कंपोजिट विद्यालय की स्थिति अन्य विद्यालयों की तुलना में काफी बेहतर मिली। यहां कक्षा एक से आठ तक में कुल 404 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था है और बच्चे किचन शेड में बैठकर भोजन करते हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पढ़ाई का स्तर बेहतर दिखाई दिया।
सिपाह प्रथम में जो बच्चे एक से पांच तक के जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं, उनके लिए शासन से जैसे पैसा आएगा उनके बैठने के लिए कुर्सी मेज की व्यवस्था की जाएगी। वहीं सिपाह द्वितीय में जगह न होने की वजह से किचन सेड नहीं बन पाया और जहांगीराबाद में एक कमरा कम है। वहां दो जर्जर कमरों को गिरा दिया गया था, उसे जल्दी ही शासन में पत्राचार करके बनवाया जाएगा। नीरज उमराव, खंड शिक्षा अधिकारी, कड़ा।

सौरई बुजुर्ग कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास में पढ़ते बच्चे। संवाद

सौरई बुजुर्ग कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास में पढ़ते बच्चे। संवाद

सौरई बुजुर्ग कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास में पढ़ते बच्चे। संवाद

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