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स्ट्रांग रूम में जमा ईवीएम हैं चालू!

Fri, 03 Mar 2017 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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kaushambi
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मतदान के दिन पीठासीन अधिकारियों से हुई भारी चूक ने अफसरों को परेशानी में डाल दिया है। मतदान के बाद आपाधापी में पीठासीन अधिकारियों ने ईवीएम सीज जरूर किया, लेकिन मशीनों को ऑफ नहीं किया और स्ट्रांग रूम में इन मशीनों को जमा कर दिया। जमा करने वालों को इसकी जानकारी थी, लेकिन मशीनें सीज थी, इसलिए उन्होंने कोई एतराज नहीं किया। करीब दो सौ से अधिक मशीनें चालू होने की संभावना है। इसकी जानकारी होते ही प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। सात दिन के भीतर बैट्री खत्म हो जाती है। ऐसे में मतगणना के दिन ऑफ मशीनों को ऑन कराने में तमाम तरह की दिक्कतें आ सकती हैं, इसीलिए अधिकारी दो सौ से ज्यादा अतिरिक्त ईवीएम की बैट्री के इंतजाम में जुट गए हैं।
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   विधान सभा चुनाव के चौथे चरण में 23 फरवरी को जिले की मंझनपुर, सिराथू और चायल सीट पर मतदान हुआ था। तीनों सीटों पर कुल 1147 बूथ थे। चायल के 379 और सिराथू के 362 बूथों पर दो-दो ईवीएम मशीनें लगी थीं। चायल में 19 और सिराथू में 16 प्रत्याशी थे। इसलिए दो-दो मशीनों का इस्तेमाल किया गया। मतदान के बाद जल्दबाजी में पीठासीन अधिकारियों ने ईवीएम मशीनों को एजेंटों के सामने सील तो कराया, लेकिन उनको क्लोज करना भूल गए। करीब दो सौ से अधिक ऐसी मशीनें होने की संभावना हैं, जो ऑफ नहीं की गई। यह मशीनें नवीन मंडी ओसा के स्ट्रांग रूम में जमा हो चुकी है। पोलिंग पार्टियों से ईवीएम जमा करा रहे कर्मचारियों को इसकी जानकारी हो चुकी थी, लेकिन मशीनें सीज थी, इसलिए उन्होंने कोई आपत्ति नहीं की। इसका लेखा-जोखा जरूर उन्होंने जुटा लिया था कि कितनी मशीनें उन्हें चालू हालत में मिली थी।

सात दिन के भीतर मशीनों के चालू रहने पर बैट्री खत्म हो जाती है। 11 मार्च को मतगणना होनी है। मतगणना के दिन चालू रही मशीनों की बैट्री डिस्चार्ज होने की प्रबल संभावना है। ऐसी स्थिति में मतगणना के दौरान यह मशीनें ऑन नहीं होगी। इसकी जानकारी मिलते ही उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव और प्रभारी कार्मिक अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के होश उड़ गए। मतगणना के दिन किसी तरह की कोई दिक्कत न हो और समय पर मतगणना खत्म हो। इसके लिए अधिकारियों ने दो सौ से ज्यादा अतिरिक्त ईवीएम मशीन की बैट्री का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव और प्रभारी कार्मिक अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह की इस मामले को चर्चा भी हुई। अधिकारियों ने तय किया कि स्टोर रूम में खाली पड़ी ईवीएम की बैट्रियों को नए सिरे से चार्ज कराया जाए और इन बैट्रियों को  मतगणना वाले दिन मतगणना टेबल पर अतिरिक्त रखा जाए। मतगणना के दौरान यदि किसी ईवीएम की बैट्री ऑफ मिलती है तो तत्काल अतिरिक्त बैट्री की मदद से ईवीएम को चालू किया जाएगा।
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पीठासीन अधिकारियों को मतदान कराने, मशीनों को सीज व ऑफ करने का बाकायदा प्रशिक्षण दिलाया गया था। मानवीय भूल हो सकती है। कुछ ही मशीनें ऑन रहने की संभावना है। आयोग के निर्देश पर अतिरिक्त ईवीएम की बैट्री का इंतजाम किया जा रहा है।
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अखंड प्रताप सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी
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