मंझनपुर। दोआबा में अन्ना मवेशियों के झुंड फसलों को नष्ट कर दे रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है। प्रशासन का दावा है कि जिले में 23 अस्थाई गोशालाओं में तकरीबन 17 सौ मवेशी हैं। प्रदेश सरकार की मंशा है कि गोवंश को संरक्षण दिया जाए। इसके लिए सदर तहसील के कादिराबाद में गोशाला बनाई जा रही है, लेकिन यहां पीसीएफ के गोदाम में अस्थाई गोशाला संचालित कर दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 23 अन्य स्थानों पर भी अस्थायी गोशालाएं हैं।
इसी तरह से सातों नगर पंचायतों में कान्हा गोशालाओं का निर्माण प्रस्तावित है। इनके बावजूद जिले में खुलेआम घूम रहे मवेशी फसलों को नष्ट कर दे रहे हैं। इन आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रशासन की ओर से कोई उचित व्यवस्था नहीं है। सीवीओ डॉ. बीडी पांडेय का कहना है कि पड़ोसी जनपद चित्रकूट से मवेशियों को यमुना पार कराके दोआबा में छोड़ दिया जाता है। इससे कौशाम्बी में ज्यादा दिक्कत है। बताया कि फिलहाल अस्थाई गोशालाओं में 17 सौ मवेशी रखे गए हैं। यह बात सही है कि बड़े पैमाने पर अभी भी अन्ना मवेशी विचरण कर रहे हैं। ग्रामीणों को समूह बनाकर मवेशियों को कादिराबाद स्थित गोशाला तक पहुंचाने की अपील की गई है। वहीं सीवीओ का कहना है कि सदर तहसील के कादिराबाद में गोशाला बनाई गई है। यहां एक हजार मवेशियों को रखने की क्षमता है। ग्रामीण आवारा मवेशियों को गोशाला में दे सकते हैं। गोशाला में मवेशियों की देखभाल की जाएगी।