तथागत बुद्ध की नगरी कौशाम्बी में श्रीलंका से दर्शन के लिए आए बौद्ध भिक्षुओं की बस पर सोमवार को अराजकतत्वों ने पथराव कर दिया। जिससे बस के शीशे टूट गए। गनीमत रही कि कोई भी भिक्षु पथराव में जख्मी नहीं हुआ।
तथागत बुद्ध ने कौशाम्बी में ही चातुर्मास बिताया था। बौद्ध धर्मावलंबी इसे तपस्थली मानते हैं। श्रीलंका बुद्ध विहार के प्रबंधक व भंते टी. सिरी विशुद्धी महाथेरो के मुताबिक यहां दर्शन के लिए श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार,कम्बोडिया सहित कई अन्य देश के हजारों बौद्धिष्ट यहां हर साल दर्शन के लिए आते हैं।
इसी क्रम में सोमवार को श्रीलंका से 65 भिच्छूओं का जत्था दो बस पर सवार होकर कौशाम्बी दर्शन के लिए आया। दर्शन के बाद भिक्षु जब बस पर सवार होकर जाने लगे तो अशोक स्तंभ के पास खड़े अराजकतत्वों ने पथराव कर दिया। जमकर किए गए पथराव में बस के शीशे टूट गए। पथराव की वजह से विदेशी मेहमान इतना डर गए कि पुलिस को बिना सूचना दिए ही रवाना हो गए।
विदेशी मेहमानों की बसों पर इसके पहले भी कई बार पथराव हो चुका है। इसी के मद्देनजर पिछले वर्ष एसपी ने पर्यटक पुलिस चौकी की स्थापना कर दो सिपाही व एक एसआई की नियुक्ति की थी, लेकिन सोमवार काे घटना वक्त पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी।
विदेशी मेहमानों को देखकर कुछ नाबालिग बच्चे पहुंच गए थे। ड्राइवर के भगाने पर बच्चे विवाद करने लगे। इसी में किसी बच्चे ईंट फेंक दिया। इससे शीशा टूट गया था। उसके पिता ने मौके पर आकर नुकसान की भरपाई कर दी थी। विदेशी मेहमानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मामले में किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की।
अभिषेक सिंह, सीओ,कौशाम्बी