मच्छर भगाने के लिए सुलगाई गई आग से सरैंया गांव में पशुशाला जल गई। लपटों की चपेट में आने से वहां सो रही वृद्धा भी गंभीररूप से झुलस गई है। जिसे नाजुक दशा में एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद में भर्ती कराया गया है। वहीं जलने से तीन बकरियों की मौत हो गई है। जबकि 3 अन्य जानवर झुलस गए। चीख-पुकार और लपटें देख जुटे गांववालों ने आग पर काबू पाया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी बैजनाथ की पशुशाला घर से करीब 200 मीटर दूर है। वहीं उसकी मां सूरजरानी सोती भी है। बैजनाथ ने बताया कि रात करीब आठ बजे खाना खाने के बाद मां सूरजरानी पशुशाला में बने कमरे में सोने के लिए गई थी। वहां उसने मच्छरों को भगाने के लिए आग सुलगाई थी। सुलगाई गई आग से निकली चिंगारी पशुशाला के छप्पर में जा गिरी। इससे आग लग गई। लपटों की चपेट में आने से सूरजरानी (70) गंभीररूप से झुलस गई। उधर, चीख-पुकार और पशुशाला से उठती लपटें देख गांव में हड़कंप मच गया।
शोर मचाते हुए परिवार के लोगों के साथ गांववाले जुट गए। ग्रामीणों ने लपटों में फंसी वृद्धा को प्रयास करके बाहर निकाला। हालांकि बाहर निकाले जाने तक वह करीब 80 फीसदी झुलस चुकी थी। साथ ही लपटों की जद में आने से तीन बकरियों की जलने से मौत हो गई। वहीं दो बकरी और एक पड़वा झुलस गए। आग बुझाने के बाद घरवाले वृद्धा को लेकर सीएचसी सिराथू गए। जहां उसकी हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया।