कादीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज। संवाद
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी की भर्ती प्रक्रिया में मनमानी का आरोप है। जो पद, जिस वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, उससे इतर भर्ती निकाली गई। प्रकरण प्रकाश में आने के बाद अब डीएम ने जांच कराने की बात कही है। वहीं, प्राचार्य ने इन भर्ती प्रक्रिया को सही बताया है।
चिकित्सा महाविद्यालय में प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए अब तक चार बार विज्ञापन निकाला जा चुका है। पहली भर्ती शासन की गाइड लाइन पर निकली। इसके बाद दूसरी, तीसरी और चौथी भर्ती के विज्ञापन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की ओर से निकाले गए।
सूत्रों के अनुसार इन भर्तियों में आरक्षण को ताक पर रख दिया गया। भर्तियों पर गौर करें तो हर बार आरक्षण बदला गया। तीसरी भर्ती प्रक्रिया 17 जून 2024 को निकाली गई। इस भर्ती में सांख्यिकीविद के पद का सृजन नहीं किया गया। चौथी भर्ती में इस पद का सृजन कर दिया गया। दोनों भर्तियों में इस एक पद की वजह से आरक्षण चार्ट (स्लेब) गड़बड़ा गया।
हालांकि, इसे लेकर प्राचार्य व भर्ती अधिकारी के अलग-अलग जवाब रहे। एक ने इसे गलत माना तो दूसरे ने सही करार दिया। इस प्रकार दो बार में 32 प्रोफेसर व 43 एसोसिएट प्रोफेसर और 57 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में आरक्षण को दरकिनार करते हुए काम किया गया। संवाद
-
प्रकरण गंभीर है। इसकी जांच कराने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
- मधुसूदन हुल्गी, जिलाधिकारी
-
प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं की गई है। शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही काम किया गया है।
- डॉ.
हरिओम
कुमार सिंह,
प्राचार्य-स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय