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जिला पंचायत सदस्य शेरू को सपा ने पद से हटाया

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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में करारी शिकस्त से सदमे में आई समाजवादी पार्टी ने मंथन शुरू कर दिया है। चुनाव में कहां, किसने और किस स्तर पर गड़बड़ी की? इसका विश्लेषण कर विभीषणों को चिह्नित किया जा रहा है। इसी के तहत पार्टी ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सिराथू विधानसभा के महासचिव एवं जिला पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद उर्फ शेरू को पद से हटा दिया है। शेरू पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भले ही सपा के पांच सदस्य निर्वाचित हुए थे। लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्टी ने 16 सदस्यों का इंजाम कर रखा था। जबकि अध्यक्ष पद पर जीत के लिए अधिकतम 14 सदस्यों की दरकार थी। संख्या अधिक होने के कारण सपाई मिनी सदन पर कब्जे को लेकर आश्वस्त थे।
वहीं दूसरी तरफ महज चार सदस्यों वाले सत्ताधारी दल भाजपा ने सदन पर कब्जे की अलग ही रणनीति बना रखी थी। पार्टी ने सपा समर्थित सदस्यों को टारगेट करते हुए प्रशासन की मदद से गड़े मुर्दे उखाड़ दिए।
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इसी के तहत सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सिराथू विधानसभा क्षेत्र के महासचिव और वार्ड नंबर सात के जिला पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद उर्फ शेरू को निशाना बनाया गया। शेरू 20 साल पहले सैनी कोतवाली में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहा था। अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले पुलिस ने शेरू पर शिकंजा कसा।
नतीजतन पार्टी प्रत्याशी को चुनाव में शिकस्त का सामना करना पड़ा। शनिवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी को शेरू की भूमिका संदिग्ध लगी। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कासिम हुसैन ने रविवार को विज्ञप्ति जारी कर शेरू को पदमुक्त कर दिया। सपा जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव का कहना है कि जल्द ही शेरू को पार्टी से भी बाहर कर दिया जाएगा। इसी के साथ ही जिलाध्यक्ष ने चुनाव के दौरान विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे कुछ अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों को भी पार्टी से बाहर करने के संकेत दिए।
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