छत्तूपुर गांव में मृतक राम नरेश के घर में मौजूद परिजन। संवाद
गुजारा भत्ता केस की तारीख पर बेटे ने गोली मारकर पिता की जान ले ली। बेटा पिता की बाइक पर पीछे बैठा था। उसने पीठ पर सटाकर दो गोलियां मारीं। इलाज के दाैरान उनकी माैत हो गई। घटना कैनी गांव के मजरा छत्तूपुर में सोमवार सुबह की है। आरोपी बेटा फरार है।
मंझनपुर के छत्तूपुर निवासी राम नरेश (47) जिलाधिकारी आवास में सफाईकर्मी थे। राम नरेश के भाई राकेश केरी के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों से पारिवारिक अनबन के कारण वह दुअरा चौराहे स्थित अपने मकान में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी रानी देवी और तीन बेटे राहुल, अरुण और अंकुश व बेटी बिट्टन अलग रहते थे। पत्नी ने गुजारा भत्ता के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई थी।
राकेश केरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि राम नरेश बाइक से मंझनपुर जा रहे थे। रास्ते में बड़ा बेटा राहुल (20) भी साथ चलने की बात कहकर पिता की बाइक पर पीछे बैठ गया। आरोप है कि तन्नापर गांव के पास पीछे बैठे राहुल ने तमंचे से पिता की पीठ में गोली मार दी और फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना की सूचना उनके घर पर और पुलिस को दी। घायल राम नरेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर एसआरएन प्रयागराज रेफर किया गया। दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पिता के हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस सेल सहित थाना पुलिस की टीमें गठित की हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। घटना के पीछ पारिवारिक विवाद सामने आया है। -सत्यनारायण, पुलिस अधीक्षक
छत्तूपुर गांव में मृतक राम नरेश के घर में मौजूद परिजन। संवाद
छत्तूपुर गांव में मृतक राम नरेश के घर में मौजूद परिजन। संवाद
छत्तूपुर गांव में मृतक राम नरेश के घर में मौजूद परिजन। संवाद