ईद-उल-फितर का त्योहार बृहस्पतिवार को जिले के कुछ हिस्सों में मनाया गया। इस दौरान रोजेदारों ने अपने-अपने घरों में नमाज अदा कर महामारी के नाश के लिए दुआएं मांगी। वहीं, ज्यादातर लोग शुक्रवार को ईद की नमाज अदा कर त्योहर मनाएंगे।
बुधवार को चांद का दीदार नहीं होने से शहर-ए-काजी अल्लामा मौलाना अहमद हबीब के मानने वालों ने बृहस्पतिवार को आखिरी रोजा रखा। ऐसे लोगों की तादाद अधिक रही।
ये सभी शुक्रवार को ईद की नमाज अदा कर त्योहार मनाएंगे। हालांकि, शहर-ए-काजी ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से पूरा देश लड़ रहा है। ऐसे में सादगी के साथ अपने घरों में ईद की नमाज अदा करें।
उन्होंने सभी लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का आह्वान किया। शहर-ए-काजी की अपील के बाद तमाम मुस्लिम समाज के लोगों ने पर्व के दौरान एक दूसरे से गले नहीं मिलने का भी फैसला लिया है।
मस्जिदों में दिखा सन्नाटा, सोशल मीडिया पर दी गई मुबारकबाद
ईद के पर्व पर कोरोना संक्रमण की झलक साफ दिखी। बृहस्पतिवार को मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने की बजाय रोजेदारों ने सरकारी गाइड लाइन का पालन करते हुए अपने घरों में ही नमाज अदा की। इसके बाद एक-दूसरे को मुबारकबाद देकर त्योहार की खुशियां बांटी। इस दौरान देखा गया कि लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक-दूसरे से गले मिलने से परहेज किया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये ईद की मुबारकबाद दी।