जिले के सभी मिशन शक्ति केंद्रों पर पहली बार अनुभवी समाजसेवियों और शिक्षित लोगों को काउंसलर के रूप में तैनात किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र से अलग-अलग आयु वर्ग के महिला-पुरुष काउंसलरों की सूची तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसका उद्देश्य पारिवारिक कलह, सामाजिक विवाद, दुर्व्यवहार और आपसी मतभेद जैसे मामलों का काउंसलिंग के माध्यम से समाधान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। जिले में मिशन शक्ति अभियान के तहत शुरू होने वाली इस नई व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस विभाग ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सामाजिक, शिक्षित और अनुभवी लोगों की पहचान कर सूची तैयार करें।
चयनित लोगों को मिशन शक्ति केंद्रों पर काउंसलर के रूप में बैठाया जाएगा, जहां वे दोनों पक्षों की बात सुनकर आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास करेंगे। यह व्यवस्था पारिवारिक कलह, घरेलू विवाद, सामाजिक मतभेद और दुर्व्यवहार जैसी समस्याओं के समाधान में सहायक बनेगी।
शिकायतों के आधार पर तय होगा काउंसलिंग का समय
हर थाना क्षेत्र में शिकायतों की संख्या के अनुसार काउंसलिंग का कार्यक्रम तय किया जाएगा। जिन थानों में अधिक मामले आएंगे, वहां सप्ताह में तीन दिन, मध्यम शिकायत वाले क्षेत्रों में दो दिन और कम शिकायत वाले थानों में सप्ताह में एक दिन काउंसलिंग होगी। सभी मिशन शक्ति केंद्रों पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक काउंसलर उपलब्ध रहेंगे।
हर आयु वर्ग के काउंसलर होंगे शामिल
काउंसलरों का चयन 25 से 35, 35 से 45, 45 से 55 और 55 से 65 वर्ष आयु वर्ग से किया जाएगा। इसमें महिला और पुरुष दोनों को शामिल किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि जिस आयु वर्ग के लोगों की समस्या होगी, उसी आयु वर्ग के काउंसलर उन्हें बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और प्रभावी मार्गदर्शन करेंगे।
रजिस्टर में दर्ज होगा पूरा रिकॉर्ड
काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने के लिए अलग रजिस्टर तैयार किया जाएगा। इसमें पक्षकारों, काउंसलर के नाम, सुनवाई की तिथि और कार्रवाई का विवरण दर्ज रहेगा। इसके आधार पर समय-समय पर समीक्षा की जाएगी कि इस व्यवस्था से कितने मामलों का समाधान हुआ और समाज में कितना सकारात्मक बदलाव आया।
सभी थाना प्रभारियों को काउंसलरों की सूची जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सूची मिलते ही मिशन शक्ति केंद्रों पर काउंसलिंग शुरू कर दी जाएगी। इस पहल से पारिवारिक और सामाजिक विवादों के समाधान में मदद मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
अमिता सिंह, एडिशन एसपी।