पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। बालू की ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रभारी डीएम के निर्देश पर रविवार को एआरटीओ ने यमुना नदी के डेढ़ावल, कटरी और पभोषा घाट पर छापेमारी की। घाट के समीप चेकिंग अभियान भी चलाया। इस दौरान ओवरलोड छह वाहनों को सीज किया गया। इनमें चार ट्रक और दो ट्रैक्टर शामिल हैं। अफसरों की इस सख्ती को लेकर बालू माफिया में हड़कंप मचा है।
बतादें कि दोआबा के यमुना घाटों पर शासन-प्रशासन की लाख सख्ती के बाद भी अवैध तरीके से बालू का खनन और ओवरलोड ढुलाई रुक नहीं रही है। आवंटित भूखंडों की आड़ में बालूमाफिया गैरआवंटित भूखंडों से भी अवैध तरीके से बालू का खनन कर रहे हैं। धंधेबाज ट्रक और ट्रैक्टरों में अवैध बालू की ओवरलोड ढ़ुलाई करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। इसे लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
परेशान अफसरों ने बालू लदे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। रविवार को प्रभारी डीएम सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर एआरटीओ केडी सिंह ने पश्चिमशरीरा क्षेत्र के डेढ़ावल, कटरी और पभोषा घाट की जांच की। घाटों के समीप वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया। इस दौरान ओवरलोड बालू लदे चार ट्रक और दो ट्रैक्टरों को सीज कर दिया गया। एआरटीओ ने बताया कि चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि किसी भी कीमत पर बालू की ओवरलोड ढुलाई और अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ भी कार्रवाई कराने की बात कही है।
अफसरों की इस सख्ती के चलते बालू और मिट्टी के खनन माफियाओं के होश उड़े हुए हैं। बालू के धंधेबाज तो इससे सहमे हैं कि अब मानसून आने का कोई भरोसा नहीं है। यदि बारिश शुरू हो गई, तो उनका बालू खनन और ढुलाई का सारा धंधा ही बंद हो जाएगा। यही कारण है कि शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी बालू के धंधेबाज यमुना घाटों पर अवैध तरीके से बालू का खनन और उसकी ओवरलोड ढुलाई करने से बाज नहीं आ रहे हैं।