मारपीट के दो आरोपियों को छह माह की कैद, जुर्माना
सैनी कोतवाली के टांडा गांव में 25 साल पहले बच्चों के विवाद में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट शीरीन जैदी ने एक मामले में दो दोषियों को छह-छह माह की कैद और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की रकम जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है।
वादी अभियोजन के अनुसार 13 मार्च 1999 को सैनी कोतवाली के टांडा गांव निवासी छोटेलाल जायसवाल की पत्नी बच्चों के विवाद का उलाहना देने वादी राम भरोसे के घर गई थी। वादी ने बच्चों की गलती की माफी भी मांग ली, इसके बावजूद छोटेलाल, उमेश व अशोक ने वादी के साथ गाली-गलौज करके मारपीट की। इसके दूसरे दिन आरोपियों ने वादी के बेटे बृजभान को भी जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए पीट दिया। मामले में वादी राम भरोसे ने गांव के ही छोटेलाल जायसवाल, उमेश चंद्र व अशोक मिश्र के खिलाफ मारपीट व एससी एसटी- एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। विवेचनात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे का ट्रायल विशेष न्यायाधीश एससी- एसटी एक्ट की अदालत में हुआ। मुकदमे के दौरान आरोपी छोटेलाल की मृत्यु हो गई। विशेष लोक अभियोजक धर्मेंद्र मौर्य व पंकज सोनकर ने वादी राम भरोसे समेत कुल सात गवाहों की गवाही कराई। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य का मूल्यांकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।