मंझनपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा गुरुवार की सुबह अचानक दस बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान आधा दर्जन चिकित्सक ओपीडी से गैर हाजिर मिले। इससे नाराज जिलाधिकारी ने सभी के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश देने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया। जिलाधिकारी अस्पताल की चिकित्सकीय सेवाओं से खासे नाराज दिखे।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में रोजाना आठ बजे से ओपीडी करने का निर्देश है। इसके बाद भी यहां तैनात चिकित्सक दस बजे के बाद ही आते हैं। मरीज पर्चा बनवाकर इधर-उधर भटकते रहते हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में सबसे पहले वह ओपीडी चेक करने गए। ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन तो थी, लेकिन चिकित्सक मौजूद नहीं थे। अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौभाग्य प्रकाश, अस्ति रोग के डॉ. मनोज कौशिक, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्मल, फिजीशियन डॉ. सुरभि प्रकाश, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा श्रीवास्तव सहित छह चिकित्सक गैरहाजिर मिले।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर कर सभी चिकित्सकों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। साथ ही सभी से दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जाना। मरीजों से पूछा की दवाएं बाहर से तो नहीं लिखी जाती। जवाब में मरीजों ने संतोष जनक उत्तर दिया। इस पर डीएम ने सीएमएस डॉ.दीपक सेठ को निर्देश दिया कि चिकित्सकों का अस्पताल में समय से बैठना सुनिश्चित करें।