महिला उत्पीड़न के मामलों की एसआईटी करेगी जांच
महिलाओं से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसपी ने लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जांच अब पुलिस की विशेष टीम करेगी। बहू-बेटियों से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसपी ने एसआईटी का गठन कर दिया है। इसकी रिपोर्ट में शिकायत फर्जी निकली तो शिकायतकर्ता की भी खैर नहीं होगी। उम्मीद है कि इसके बाद घटनाओं में तो कमी आएगी ही साथ ही झूठी शिकायतों का आना भी बंद होगा।
दोआबा में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की बाढ़ सी आ गई है। देखा जाता है कि हर दिन कप्तान के पास दुष्कर्म और छेड़खानी के पांच से सात मामले आते हैं। 10 से 15 शिकायती पत्र विभिन्न कोतवालियों में पहुंचते हैं। प्रतिदिन चार से छह मामले अदालत के निर्देश पर दर्ज होते हैं। दहेज उत्पीड़न और अन्य घटनाएं भी आम हो गई हैं। इसे देखते हुए एसपी प्रदीप गुप्ता चौकन्ना हो गए हैं। उन्होंने एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) का गठन किया है। इस टीम में एक-एक महिला तथा पुरुष दरोगा और दो-दो महिला व पुरुष सिपाही शामिल किए गए हैं। इनका काम एसपी के पास आने वाले महिला उत्पीड़न से जुड़े सभी शिकायती पत्रों की बारीकी से जांच करना होगा। कोई कोतवाल चाहेगा तो उसके पास आए शिकायती पत्र की जांच भी यह टीम करेगी। टीम को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट एसपी को देना होगा। जांच में आरोप सही मिले तो एफआईआर लिखकर आरोपी को गिरफ्तार कराया जाएगा। शिकायत फर्जी निकली तो शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी।
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गोपनीय तरीके से जांच करेगी टीम
मंझनपुर। पुलिस की स्पेशल टीम गोपनीय जांच करेगी। पूरी कोशिश की जाएगी कि वादी और प्रतिवादी को जांच की भनक तक नहीं लगे। जरूरत पड़ी तो इनमें से किसी से भी पूछताछ कर ली जाएगी। वह भी इतनी आसानी के साथ कि सामने वाला खुद भी कुछ समझ नहीं पाए। इसीलिए टीम में शामिल कर्मचारियों का नाम किसी को भी नहीं बताया जा रहा है।
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तत्काल भी दर्ज होंगे मामले
मंझनपुर। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि कई घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनकी हकीकत बिना किसी जांच के ही पता चल जाती है। इस तरह की घटनाओं में जांच की कोई जरूरत नहीं होगी। तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। संदिग्ध प्रकरणों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है।