सिराथू तहसील क्षेत्र में पेयजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी शुरू होने के बाद दारानगर पेयजल टंकी में लगा पंप दगा दे गया है, तो अजुहा नगर पंचायत की पेयजल परियोजना आज तक नगर पंचायत को हैंडओवर नहीं की जा सकी है। इससे कस्बे के चार वार्डों में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। भीषण गर्मी के बीच कस्बा व गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। जिम्मेदार हैं कि विकराल रूप ले रही पेयजल समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सिराथू के दारानगर गांव और उसके तीन मजरों की आबादी आठ हजार के आसपास है। यहां के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1970 के दशक में पानी टंकी बनवाई गई थी। कई दशकों से पेयजल उपलब्ध करा रही इस पानी टंकी का पंप अब पानी छोड़ने लगा है। इससे पाइप लाइन में भरपूर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीणों के सामने बूंद-बूंद पानी का संकट खड़ा हो गया है। गांव में लगे 30 हैंडपंपों में 18 का बोर ब्रस्ट है, जो हैंडपंप चल भी रहे हैं उनका पानी इतना खारा है कि गले के नीचे नहीं उतर रहा। गांव के कमलेश का कहना है कि वह पीने का पानी गांव के बाहर लगे एक नलकूप से ला रहा है। मामले में ग्राम प्रधान सुधा देवी से पूछा गया तो उनका कहना है कि समस्या की जानकारी जल निगम के जेई को दी गई है, साथ ही रीबोर के लिए हैंडपंपों की सूची भी दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इससे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पेयजल की दूसरी समस्या नगर पंचायत अजुहा की है। यहां पर 13 साल पहले पानी टंकी का निर्माण कराते हुए वार्डों में पाइप लाइन बिछवाई गई थी। पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। पाइप लाइन की स्थिति खराब देख नगर पंचायत प्रशासन ने टंकी को जल निगम को हैंडओवर नहीं किया। तब से यह टंकी लाखों रुपये खर्च होने के बाद जस की तस पड़ी है। इससे कस्बे के भौंतर, बहुआ, अजमतपुर व मढ़ियामई मोहल्ले में जलापूर्ति नहीं हो रही। भीषण गर्मी में पेयजल न मिलने के कारण वार्ड के लोगों का बुरा हाल है। मामले में नगर अध्यक्ष शांति कुशवाहा का कहना है कि घटिया पाइप लाइन बिछाए जाने के चलते टंकी हैंडओवर नहीं की गई। मामले की शिकायत भी उच्चाधिकारियों से की गई है। पाइप लाइन ठीक होने के बाद ही इन वार्डों में जलापूर्ति शुरू कराई जा सकेगी। कुछ भी हो डार्क जोन सिराथू सर्किल में गर्मी के पारे के साथ पेयजल की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मचना तय है।
दारानगर पानी टंकी के पंप का बोर दशकों पहले हुआ था। वाटर लेबल नीचे जाने की वजह से पंप पानी छोड़ रहा है। पाइप बढ़वाने का प्रयास किया जा रहा है। अजुहा में पाइप लाइन गड़बड़ होने का मामला पुराना है। इस बावत मुझे कोई जानकारी नहीं है।
सीएस यादव, एक्सईएन जलनिगम