प्रदेश सरकार द्वारा समझौते के बाद दस हजार का मानदेय की घोषणा से शिक्षामित्र आक्रोशित हैं। वह धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। चौथे दिन शनिवार को शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरना देकर सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान करते हुए रविवार को दिल्ली रवानगी का निर्णय लिया गया।
चौथे दिन धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों को सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह पांच बिंदुओं पर बगैर उनकी सहमति के कोई निर्णय नहीं लेगी। इसे नजर अंदाज करते हुए प्रदेश सरकार ने दस हजार का मानदेय घोषित कर दिया। दोबारा शुरू हुए धरने के चार दिन बाद भी प्रदेश सरकार कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। सरकार की शुद्धि-बुद्धि के लिए शनिवार को धरनास्थल पर शिक्षामित्रों ने यज्ञ कर आहुति दी।
अंत में जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर 11 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर में शिक्षामित्र मांगों को लेकर धरना शुरू करेंगे। यह धरना 14 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने जिले के सभी शिक्षामित्रों से आवाहन किया है कि वह रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हों। चौथे दिन धरने में महामंत्री विद्याचरण शुक्ल, इरशाद अहमद, उदय सिंह यादव, अजय सिंह, सुमन देवी, नीरज श्रीवास्तव, सैदाब बीबी, सोमवार प्रकाश मिश्र, पवन गर्ग सहित तमाम शिक्षामित्र मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
साक्षरता एसोसिएशन कर्मी की बैठक संपन्न
मंझनपुर (ब्यूरो)। साक्षरता कर्मी एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को प्रेरकों की डायट मैदान में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार मिश्र ने की। बैठक में प्रेरकों की मानदेय, नवीनीकरण आदि समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार साक्षरता कर्मियों के साथ वादा खिलाफी कर रही है। बैठक के बाद साक्षरता कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन डीएम मनीष कुमार वर्मा को सौंपा।
डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में साक्षरता कर्मियों ने मानदेय का समय पर भुगता किए जाने की पुरजोर मांग की। इसके अलावा तीन वर्षों का अवशेष मानदेय भुगतान कराने, साक्षरता कर्मियों के कार्यालयों को कम्प्यूटरीकृत कराने सहित सात सूत्रीय मांगे मुख्यमंत्री से की। साक्षरता कर्मियों ने ऐलान किया है कि उनकी मांगों को यदि सूबे की सरकार जल्द पूरी नहीं करती तो वह आंदोलन को और तेज करेंगे। ज्ञापन देने वाले साक्षरता कर्मियों में मंजीत कुमार, चंद्रभान, रवि पटेल, नसीम अहमद, समर सिंह, अबू मो., संतराम, ज्ञान चंद्र शुक्ल सहित तमाम साक्षरता कर्मी मौजूद रहे।