दोआबा की पीड़ित महिलाओं को एक छत के नीचे मिलेगी हर सुविधा
शासन ने वन स्टाप सेंटर के लिए दी मंजूरी
जिला अस्पताल परिसर में 48 लाख की लागत से बनेगा भवन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। समाज की सताई महिलाओं को अब एक छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इलाज से लेकर पुलिस तक की मदद आसानी से मिलेगी। शासन ने इसके लिए 48 लाख से बनने वाले वन स्टाप सेंटर के लिए मंजूरी दे दी है। जिला अस्पताल परिसर में ही भवन का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है।
घर-परिवार या समाज की सताई महिलाओं को अब कानूनी मामलों या इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही छत के नीचे महिलाओं को सारी सुविधा प्रदान की जाएगी। जिला अस्पताल परिसर में वन स्टाप सेंटर को बनाने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। वन स्टाप सेंटर में पांच बेड का शयन कक्ष बनेगा। शौचालय व रसोई की भी सुविधा रहेगी। सेंटर में ही पीड़ित महिला को इंसाफ दिलाने के लिए सारी प्रक्रिया की जाएगी। चाहे वह कानूनी हो या फिर बीमारी। पीड़ित महिला को रहने व खाने-पीने का इंतजाम भी किया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी रामनाथ राम का कहना है कि अक्सर लोग महिलाओं को घर से निकाल देते हैं। वह इधर-उधर भटकती रहती है। महिला हेल्प लाइन या आशा ज्योति केंद्र में वह मदद मांगती है। अब तक इसके लिए विभाग के पास खुद का भवन नहीं था। इसी को लेकर शासन ने मंजूरी दे दिया है। जिला अस्पताल परिसर में भवन बनाया जाएगा। यहां पीड़ित महिला को रखकर उसे इंसाफ दिलाया जाएगा।
सेंटर में बनेगी पुलिस चौकी
मंझनपुर। वन स्टाप सेंटर में पुलिस चौकी की स्थापना होगी। यहीं पर जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला की रिपोर्ट भी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। महिला को पूरी सुरक्षा यहां दी जाएगी।
हिंसा व छेडख़ानी की पीड़ितों को भी मिलेगी मदद
मंझनपुर। वन स्टाप सेंटर में पांच कमरे बनाए जाएंगे। भवन के कमरों में पांच बेड का शयन कक्ष होगा। पीड़ित महिला को जब तक इंसाफ नहीं मिलता, तब तक उसे यहां सुरक्षित रखा जाएगा। घरेलू हिंसा, छेडख़ानी सहित महिला उत्पीडन से जुड़े तमाम मामलों में सेंटर मदद करेगा।
कार्यदाई संस्था का नहीं हो सका चयन
मंझनपुर। जिला प्रोबेशन अधिकारी रामनाथ राम का कहना है कि शासन से बजट की मंजूरी मिल चुकी है। कार्यदाई संस्था का चयन जिलाधिकारी को करना है। कार्यदाई संस्था फाइनल होने के बाद भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।