मंझनपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने मंगलवार को एक नाबालिग के अपहरण के मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अभियुक्त को सात साल की सजा सुनाने के साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वसूली होने पर जुर्माने के 16 हजार रुपये पीड़िता को मुहैया कराने का आदेश दिया है।
सहायक लोक अभियोजक रमेश चंद्र त्रिपाठी के अनुसार सरायअकिल कोतवाली इलाके में 30 जनवरी वर्ष 2016 को वादी की 16 वर्षीय बेटी सुबह पांच बजे घर से शौच के लिए खेत की तरफ गई थी। इसी दौरान पनारा गोपालपुर निवासी शमीम ने नाबालिग बेटी को अगवा कर ले गया। खोजबीन के दौरान सुराग लगने पर वादी ने अगले दिन कोतवाली पहुंचकर शमीम और उसकी मां परवीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पोक्सो अरविंद कुमार द्वितीय की अदालत में चला। मामले में वादी और पीड़िता समेत छह गवाह प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के साथ ही साक्ष्यों का अवलोकन कर कोर्ट ने आरोपी शमीम को दोषी करार देते हुए मंगलवार को फैसला सुना दिया। जबकि उसकी मां के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने पर बरी कर दिया गया।