कस्बे से 1970 में सात रोडवेज बसों का संचालन होता था। अब यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समय के साथ यह सेवा धीरे-धीरे सिमटती चली गई और वर्तमान में स्थिति यह है कि चरवा से एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है। बस सेवा बंद होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों, छात्रों, बुजुर्गों और मुसाफिरों को मजबूरी में महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर परिवहन सुविधा न मिलने के कारण इलाज, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई बार जरूरी कार्यों के लिए लोगों को देर से पहुंचना पड़ता है या अधिक खर्च उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की कि चरवा क्षेत्र में जल्द रोडवेज बस सेवा को शुरू किया जाए।
डग्गामार वाहनों का ही सहारा
स्थानीय बुजुर्ग सुशील कुमार गर्ग ने बताया कि रोडवेज सेवा बंद होने के कारण प्रयागराज, चायल या फिर मुख्यालय मंझनपुर जाना हो तो डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। अतुल कुमार ने बताया कि रोडवेज बस के संचालन न होने से बच्चे व बुजुर्ग व अन्य लोगों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
चरवा में रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा है। इसकी जानकारी नहीं थी। दो दिन के बाद वहां का सर्वे कराकर रूट निर्धारित किया जाएगा। प्रयास है कि एक हफ्ते में बसों का संचालन शुरू करा दिया जाए।- गंगा शंकर शर्मा, डिपो इंचार्ज
सुशील कुमार गर्ग।