पूरामुफ्ती कोतवाली में तैनात कारखास सिपाही ने रेप के एक मामले में आरोपी का नाम निकलवाने का झांसा देकर उसके साथी से 1.95 लाख रुपये की रिश्वत ले ली। कुर्की की नोटिस चस्पा होने के बाद पीड़ित को नाम नहीं निकलने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। एसपी ने सीओ चायल को प्रकरण की जांच सौंप दी है।
पूरामुफ्ती इलाके के मादपुर निवासी सत्येंद्र कुमार ग्राम प्रधान ज्ञान देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि करीब आठ महीने पहले उनका एक साथी रेप के फर्जी मामले में फंस गया था। उसी दौरान स्थानीय कोतवाली के कारखास सिपाही ने नाम निकलवाने का झांसा देकर तीन किस्तों में 1.95 लाख रुपया ले लिया।
कथित रिश्वतखोर सिपाही ने नाम निकल जाने का पूरा भरोसा भी दिला दिया। पीड़ित की मानें तो पांच दिन पहले पुलिस ने उसके दोस्त के घर कुर्की की नोटिस चस्पा कर दी। इसके बाद नाम नहीं निकलने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए।
पीड़ित की शिकायत पर इंस्पेक्टर ने आरोपी सिपाही को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद शनिवार को पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से कर दी। एसपी ने सीओ चायल को जांच सौंप दी है। बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सिपाही के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायत मिली है। सीओ चायल को प्रकरण की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी आरक्षी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप गुप्ता-एसपी