सिराथू (कौशाम्बी)। मौनी अमावस्या पर्व पर मंगलवार को छुट्टी रहने के कारण सिराथू में बुधवार को जिला स्तरीय तहसील दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 115 लोग शिकायतों का निस्तारण कराने आए थे। ज्यादातर शिकायतें भूमि विवाद से जुड़ी देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने पट्टाधारकाेें को कब्जा नहीं दिलाए जाने की शिकायतों पर गुस्सा जताते हुए एसडीएम और तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांग लिया है। साथ ही लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्ट देने का निर्देश दिया।
सिराथू तहसील में बुधवार को आयोजित जिलास्तरीय तहसील दिवस में जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसपी रतनकांत पांडेय ने मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। डीएम, एसपी के सामने कुल 115 लोग अपनी शिकायतें लेकर आए थे। इनमें ज्यादातर मामले राजस्व विभाग और पट्टे की भूमि पर कब्जा नहीं दिलाए जाने के थे। तहसील दिवस में रघुनाथपुर गांव के छोटेलाल, रिजाउल और कनवार गांव के मैकूलाल ने शिकायत की कि उन्हें कई साल पहले ग्रामसभा की ओर से जमीन का पट्टा दिया गया था। पर, पट्टा मिली जमीन पर आज तक कब्जा नहीं दिलाया जा सका है। जबकि कई बार इसकी शिकायत एसडीएम और तहसीलदार से की जा चुकी है।
इतना सुनते ही डीएम ने एसडीएम और तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई। लेखपाल को तलब करके कब्जा नहीं दिलाए जाने की बाबत पूछताछ की। डीएम ने लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्ट देने का निर्देश एसडीएम को दिया। साथ ही उपजिलाधिकारी और तहसीलदार से भी स्पष्टीकरण मांग लिया है। उधर, तहसील दिवस में कुल 115 शिकायतें आई थीं। इनमें से नौ शिकायतों का अफसरों ने मौके पर निस्तारण किया है। शेष शिकायतों को संबंधित अफसरों को देकर इसे पांच दिन के भीतर निपटाकर रिपोर्ट मांगी गई है। इस मौके पर सीडीओ, एडीएम समेत जिलास्तरीय सभी अधिकारी मौजूद रहे।