आरआरसी (कूड़ा निस्तारण केंद्र) का निर्देश देने के बाद भी संचालन नहीं हो रहा है। डीपीआरओ कार्यालय को मिली रिपोर्ट के अनुसार 127 आरआरसी ही संचालित हैं। ऐसे में अब जिन गांवों में आरआरसी का संचालन नहीं होगा, वहां के पंचायत सचिव के वेतन रोके जाने का निर्देश दिया गया है।
जिले में 451 ग्राम पंचायतें हैं। 332 गांव में आरआरसी का निर्माण हो चुका है, 113 गांव में आरआरसी का निर्माण चल रहा है। इनमें अधिकांश गांव में आरआरसी केवल शो-पीस बने हैं। गांव में गंदगी का अंबार लगा है वहीं गांव में बने कूड़ाघर चमक रहे हैं।
डीएम के निर्देश पर अब डीपीआरओ ने लापरवाही करने वाले सचिवों के वेतन रोके जाने का फैसला लिया है। वेतन भुगतान के पे-रोल को डीपीआरओ कार्यालय भेजने से पूर्व यह सत्यापित करना होगा कि सचिव के गांव का आरआरसी संचालित है।
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नए नियम व निर्देश
- डीपीआरओ ने शुक्रवार को सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि गांव में यदि आरआरसी का संचालन नहीं हो रहा है तो ऐसे कर्मचारी का पे-रोल नहीं भेजा जाए। जांच में आरआरसी का संचालन होता नहीं मिला तो इसपर सचिव के साथ एडीओ पंचायत के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-वर्जन
निर्देश के बाद भी आरआरसी का संचालन नहीं होने पर अब दोहरे स्तर का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए एडीओ पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है। वह आरआरसी के संचालन नहीं होने तक सचिव का पे-रोल कार्यालय नहीं भेजेंगे। अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ
कूड़ा निस्तारण केंद्र की स्थिति
प्रस्तावित सेंटर- 451
बनकर तैयार- 332
निर्माणाधीन - 113
भूमि नहीं मिली - 06
संचालित - 127
बंद पड़े - 205