मंझनपुर। समाजवादी पेंशन की सूची से नाम गायब देख टेन शाहआलमाबाद और लहना गांव की महिलाओं को शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इल्जाम लगाया कि गरीबों का नाम हटाकर सूची में रसूखदार धनाढ्यों का नाम शामिल कर लिया गया है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने महिलाओं का शिकायतीपत्र लेकर सूची का सत्यापन कराकर अपात्रों का नाम हटवाने का भरोसा दिलाया है।
मंझनपुर ब्लाक के लहना गांव की रहने वाली केतकी देवी, रामसखी, बेलपति, सुनीता देवी, सुशीला देवी, केशपति, सुखिया देवी, रन्नो देवी, सोनिया, मालती देवी, तारावती, लीलावती, मैकी देवी, बृजरानी देवी आदि ने बताया वे गरीब हैं। उनके पास जमीन भी नहीं है। मजदूरी करती है। इसके बाद भी उनका नाम समाजवादी पेंशन सूची से हटा दिया गया। जबकि पहले उन्हें महामाया योजना के तहत पेंशन मिलती थी। ग्रामसभा की हुई बैठक में भी उनका नाम समाजवादी पेंशन के लिए चुना गया था।
महिलाओं का आरोप है कि बाद में मनमानी करते हुए उनका नाम सूची से हटाकर धनाढ्यों का नाम जोड़ दिया गया है। इस मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को गांव की गरीब महिलाएं क्षेत्र पंचायत सदस्य शांति देवी के साथ कलेक्ट्रेट आई और प्रदर्शन किया। महिलाओं ने डीएम के नहीं मिलने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को शिकायतीपत्र देकर पेंशन दिलवाने की मांग की। इसी तरह से टेन शाहआलमाबाद गांव की महिलाओं ने भी अपात्रों का नाम सूची में शामिल होने को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। गांव की रहने वाली राजकुमारी, दुखिया देवी, किरन, गुड़िया देवी, धनपतिया आदि ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।