आंगनबाड़ी भवन निर्माण में हुई धांधली के मामले में सचिव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दोषी पाए गए प्रधान पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीएम मधुसूदन हुल्गी के आदेश के बावजूद डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने छह महीने से फाइल दबाकर रखी है।
सरसंवा ब्लाॅक क्षेत्र के रायपुर ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय परिसर में वित्तीय वर्ष 2023-24 में शासन ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की थी। तत्कालीन डीएम ने ग्राम पंचायत को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए निर्माण शुरू करने का आदेश दिया था। आरोप है कि प्रधान ने मनमानी करते हुए शासन की योजना को धरातल पर नहीं उतरने दिया।
ऐसे में डीएम मधुसूदन हुल्गी को जब इस अनियमितता की जानकारी डीएनसी बैठकों के दौरान हुई तो उन्होंने 25 मई 2025 को प्रधान के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने फाइल दबा दी और कार्रवाई नहीं की।
इस बीच अमर उजाला ने 19 अक्तूबर के अंक में आंगनबाड़ी केंद्र की नींव तक न पड़ी, डकार गए दो लाख रुपये....व 24 अक्तूबर को गबन के आरोपी वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लिखापढ़ी... शीर्षक से समाचार प्रकाशित की थी।
खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिए। रिपोर्ट में प्रधान अनूप कुमार और सचिव मनोज कुमार सोनी दोनों दोषी पाए गए। इसके बाद 25 अक्तूबर को डीडीओ शैलेन व्यास ने सचिव मनोज कुमार सोनी को निलंबित कर दिया लेकिन डीपीआरओ ने प्रधान का बचाव करते हुए कार्रवाई नहीं की।
ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। इधर, डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि प्रधान को एक नोटिस दिया गया था। धनराशि का प्रयोग नहीं होने के कारण उनपर कार्रवाई नहीं की गई।