लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज चायल में भीषण गर्मी की वजह से तीन छात्राओं की हालत मंगलवार को बिगड़ गई। इससे कालेज में अफरा-तफरी मच गई। तहसील में सीएमओ मौजूद थे। जानकारी होने पर उन्होंने चिकित्सकों की टीम भेजकर छात्राओं का इलाज कराया। इसके बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई। कॉलेज में शौचालय न होने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
लालबहादुर शास्त्री इंटर कालेज चरवा में करीब 600 छात्राएं पंजीकृत हैं। मंगलवार को भीषण गर्मी व उमस के कारण कक्षा नौ की मनीषा पुत्री धर्मराज निवासी नीवी शाना, कक्षा दस की रीना पुत्री सुरेश निवासी गेरिया खालसा और मोनिका पुत्री धर्मराज निवासी सुधवर की हालत बिगड़ गई। इनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। इनको चक्कर आने लगा व पेट दर्द होने पर स्कूल में हड़कंप मच गया। गर्मी की वजह से इनकी हालत बिगड़ी थी। चायल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में सीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय मौजूद थे। जानकारी होते ही उन्होंने चायल पीएचसी की टीम भेजी। आनन-फानन छात्राओं का इलाज किया गया। इसके बाद उनको घर भेजा गया। इससे छात्राओं के अभिभावकों में गुस्सा है।
शौचालय न होने का लगा आरोप
लाल बहादुर शास्त्री इंटर कालेज में छह सौ छात्राएं हैं। आरोप है कि यहां स्टाफ के लिए शौचालय बना है, लेकिन छात्राओं के लिए अलग से शौचालय नहीं बनाया गया है। छात्राओं के बीमार होने की जानकारी अभिभावक आए तो उन्होंने इस तरह के आरोप लगाए। अभिभावकों ने यहां तक कहा कि कई बार शौचालय बनवाने की मांग भी उन्होंने कालेज प्रशासन से रखी है, इसके बावजूद शौचालय नहीं बनवाया गया।
‘तीन छात्राओं की तबियत खराब थी। वे वायरल फीवर की चपेट में थीं। उनका इलाज कराकर घर भेज दिया गया है। हालत सामान्य है। कालेज में दो साइड में शौचालय बना है। शौचालय की कोई समस्या नहीं है।’
यज्ञ नारायण मिश्र
प्रधानाचार्य