मंझनपुर। जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में धांधली, अराजकता का आरोप लगाकर सपा ने जिले की तीनों तहसीलों में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान जगह-जगह बैरियर लगाए गए। पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने दोपहर बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान मांग की कि सपाईयों पर हो रहे जुल्म को प्रशासन तत्काल रोके और कार्यकर्ताओं पर लगे फर्जी मुकदमों को निरस्त किया जाए। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई के विरोध में आवाज बुलंद की।
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बृहस्पतिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर, सिराथू और चायल तहसील में बढ़ती महंगाई और जिला पंचायत चुनाव में धांधली और गलत तरीके से जीत हासिल करने पर भाजपा सरकार के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर तहसील परिसर में धरना दिया। ज्ञापन के हवाले से सपाइयों ने कहा कि भाजपा राज में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में गुंडागर्दी के दम पर लोकतंत्र की खुलेआम हत्या हुई, किसी ने भी इसकी कल्पना नहीं की थी। 8 जुलाई को ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन के समय विपक्ष के प्रत्याशी, प्रस्तावकों, समर्थकों और महिलाओं के साथ अभद्रता व शर्मनाक घटना तथा पूर्व स्पीकर माता प्रसाद पांडेय के साथ धक्का-मुक्की और उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश से जाहिर है कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की बात बेमानी है। ब्लॉक प्रमुख के निर्वाचन के लिए नामांकन की अंतिम तारीख आठ जुलाई को पुलिस प्रशासन सत्तापक्ष का कार्यकर्ता बनकर काम करने लगा।
ऐसे में कई ब्लॉकों में सपा प्रत्याशियों को नामांकन नहीं करने दिया गया। यही नहीं चुनाव में सपा प्रत्याशियों समेत कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की गई। ऐसे में विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा से लोकतंत्र शर्मसार और कलंकित हुआ है। वहीं, सपाइयों ने किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिया जाए एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए। किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान करीब 15 करोड़ रुपये तत्काल वापस लिया जाए। किसानों पर लगाया जा रहा कृषि कानून वापस लिया जाए। बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए। नौजवान एवं बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराया जाए। प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था में सुधार लाया जाए। सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज करना बंद किया जाए।
कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में हुई धांधली एवं हिंसा की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए समेत राष्ट्रपति को संबोधित 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विधान सभा अध्यक्ष मानसिंह पटेल, कैलास पाल, परवेज अख्तर, भोला सरोज, बीरेंद्र फौजी, वेद प्रकाश, इंद्रेश, मीनू, अशोक पाल, कप्तान यादव, निक्के भाई, मनोज यादव, मुलायम यादव, राजू पटेल, सादाब, संतलाल, यासिर मंजूर, हीरा लाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिराथू में भी सपाइयों ने किया प्रदर्शन
सिराथू। स्थानीय तहसील परिसर में भी सपाइयों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। विधान सभा अध्यक्ष मो. असलम की अगुवाई में सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की। कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। गुंडागर्दी और धांधलीगिरी चरम सीमा पार कर चुकी है। धरना प्रदर्शन में कैलास चंद्र केशरवानी, आनंद मोहन सिंह पटेल, भइया लाल, धर्मेंद्र पाल, लवलेश प्रधान, शहनवाज अहमद, महेंद्र शुक्ला आदि सैकड़ों सपाई शामिल रहे।