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बिना टेंशन कुंवारे ले रहे समाजवादी पेंशन

Tue, 08 Nov 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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समाजवादी पेंशन में जमकर धांधली हुई है। गांव-गांव से आ रही शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों की आंख मूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के नाबालिग भाई-बहनों ने खोल दी है। ये दोनों बिना किसी खौफ के पेंशन ले रहे हैं। हैरानी यह है कि इनकी मां गांव की आशा संगिनी है और वह भी इस पेंशन का लाभ उठा रही है। इस फर्जीवाडे़ से पर्दा उठा तो ब्लॉक से लेकर समाज कल्याण अधिकारी के दफ्तर तक खलबली मच गई। मामले की जांच अधिकारियों ने शुरू कर दी है।
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    मूरतगंज ब्लॉक के उजिहिनी हसनपुर गांव की आशा संगिनी चंद्रवती पत्नी विश्वनाथ हैं। उजिहिनी गांव के 104 लोगों को समाजवादी पेंशन का लाभ मिल रहा है। समाजवादी पेंशन का लाभ दिलाने के लिए आशा संगिनी चंद्रवती ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। चंद्रवती ने अपना नाम तो समाजवादी पेंशन की सूची में तो डलवाया ही, अपनी 13 वर्षीय पुत्री प्रिया निषाद और 14 वर्षीय बेटे आनंद सागर को भी इस पेंशन का लाभार्थी बनवा दिया। चंद्रवती ने पेंशन की प्रथम किस्त मूरतगंज एसबीआई के अपने बैंक खाते से निकाली है, जबकि आनन्द व प्रिया ने बैंक आफ बड़ौदा की शाखा रसूलपुर कोइलहा से पेंशन का भुगतान लिया है।

समाजवादी पेंशन में हुई इस धांधली की जानकारी लोगों को हुई तो लोगों ने इसकी शिकायत की। मामला ग्राम प्रधान सना बानो के संज्ञान में आया तो उन्होंने सूची निकलवाई। पहले तो यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि आखिर यह कैसे हुआ। जांच टीम भी कुछ नहीं बता पा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान ने सोमवार को समाज कल्याण अधिकारी को सूची भेजकर आशा संगिनी व उसके बेटे व बेटी को मिल रही समाजवादी पेंशन की सूचना दी। ग्राम प्रधान की सूची मिलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन बीडीओ कार्यालय से संपर्क कर हकीकत खंगलवानी शुरू कर दी। प्रकरण में ग्राम विकास अधिकारी रामभवन का कहना है कि उन्हें डेढ़ माह पहले इस गांव का चार्ज मिला है। ग्राम प्रधान के साथ ही गांव के तमाम लोगों ने इसकी जानकारी दी है। वह जांच कर रहे हैं। वहीं आशा संगिनी चंद्रवती का कहना है कि वह गरीब महिला है। उसके बेटे आनंद सागर व बेटी प्रिया निषाद ही हैं। यदि पेंशन का लाभ मिल रहा है तो इसमें गलत क्या है।
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प्रथम दृष्टया यह एक ही परिवार का मामला प्रतीत हो रहा है। प्रधान की सूची मिली है, इसकी गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी
केके त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी

क्या है समाजवादी पेंशन
समाजवादी पेंशन के लाभार्थियों को हर माह पांच सौ रुपया मिलता है। हर साल इसमें 50 रुपये की वृद्धि कर दी जाती है, लेकिन यह अधिकतम मासिक 750 रुपये से ज्यादा नहीं होगी।
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