सीबीएसई बोर्ड ने गुरुवार को 12 वीं के नतीजों की घोषणा कर दिया। परीक्षा में कौशाम्बी प्रेसीडेंसी स्कूल भरवारी की रुशाली सिंह ने 96 फीसदी अंकों के साथ जिला टॉप किया। दूसरे स्थान पर रहे जवाहर नवोदय टेंवा के ऋषभ त्रिपाठी ने 95.20 फीसदी अंक हासिल किया। जबकि केपीएस भरवारी के ही लारेब अख्तर ने 95 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। मेधावियों के घर-परिवार और संस्थान में उत्साह का माहौल है। जिला टॉप देने वाले संस्थान केपीएस में तो जशभन का माहौल रहा।
सीबीएसई बोर्ड से इंटर की मान्यता वाले जिले में पांच स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें कौशाम्बी प्रेसीडेंसी स्कूल, भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी, केपीएस कसिया, जवाहर नवोदय टेंवा, डॉ रिजवी स्प्रिंग फील्ड करारी शामिल है। गुरुवार की दोपहर परीक्षा परिणाम आया तो सभी उछल पड़े। सर्वाधिक खुशी कौशाम्बी प्रेसीडेंसी स्कूल भरवारी में देखने को मिली। दरअसल इस विद्यालय कर रुशाली सिंह ने जिला टॉप किया है। परीक्षा में उन्हें 500 में 480 अंक मिला है। वहीं लारेब अख्तर ने 95 फीसदी अंकों के साथ टॉप टेन की सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया। कॉलेज के चेयरमैन एवं चायल विधायक संजय गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।
साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना किया। इस मौके पर प्रिंसिपल सीमा पवार, फाउंडर देवबाबू गुप्ता, प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र बहादुर, मयंक मिश्रा समेत समस्त स्टॉफ मौजूद रहा। जवाहर नवोदय के टेंवा के ऋषभ त्रिपाठी ने 95.20 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा तथा मुकेश निर्मल ने 94.40 फीसदी अंक के साथ पांचवा स्थान प्राप्त किया। जबकि केपीएस कसिया की अनामिका श्रीवास्तव 94.60 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रही। अकेले भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी के छात्र जिले की टॉप टेन सूची में जगह नहीं बना सके।
आईएएस अफसर बनना चाहती है जिला टॉपर रूशाली
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में जिला टॉप करने वाली रूशाली सिंह ने अपनी मेहनत और लगन के बूते मुकाम हासिल किया है। वह अब प्रयागराज में रहकर सिविल सर्विसेस की तैयारी करेंगी। रूशाली का सपना आईएएस अफसर बनकर देश सेवा करनेे का है।
सैनी में रहने वाले राजेश सिंह व्यापार कर विभाग प्रयागराज में कार्यरत है। उनके एक बेटी रूशाली व बेटा शियान है। शियान नौवीं का छात्र है। बड़ी बेटी रूशाली केपीएस भरवारी में पीसीबी से इंटर कर रही थी। गुरुवार को आए परीक्षा परिणाम से परिजन व कॉलेज स्टाफ के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रूशाली को 96 प्रतिशत अंक मिला है। रूशाली बताती है कि उन्होंने कोचिंग नहीं ज्वाइन की थी। वह बस से भरवारी पढ़ने जाती थी। आने और जाने में कम से तीन घंटे का समय लग जाता था। इस समय का उपयोग वह अपनी पढ़ाई के लिए करती थी। इसके अलावा घर में चार से पांच घंटा पढ़ना उसकी आदत थी। रूशाली की मां ज्ञानमति सिंह गृहिणी हैं। उन्होंने बिटिया की पढ़ाई में हर संभव मदद की। उसे घर के काम के लिए बेवजह परेशान नहीं किया।
डॉक्टर बनना चाहता है सेकेंड टॉपर ऋषभ
मंझनपुर। जवाहर नवोदय में पढ़ने वाले ऋषभ त्रिपाठी ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में जिला स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। पीसीबी से इंटर कर रहे ऋषभ को 95.20 प्रतिशत अंक मिले हैं। ऋषभ के पिता अजय त्रिपाठी जवाहर नवोदय में ही फिजिक्स के लेक्चरर हैं। दो भाइयों में छोटा ऋषभ डॉक्टर बनना चाहता है। वह नीट की तैयारी करेगा। ऋषभ के बड़े भाई दिल्ली विश्व विद्यालय से एम-टेक कर रहे हैं। ऋषभ का कहना है कि उसकी मां किरन त्रिपाठी गृहिणी हैं। घर में पढ़ने के दौरान पिता उसकी मदद करते थे। उसने कभी कोचिंग नहीं किया। एंड्रायड मोबाइल का उसे शौक नहीं था।