कौशाम्बी में डाट्स सेंटर सिर्फ कागजों पर चल रहे हैं। बोर्ड टांगकर कर्मचारी केंद्र से गायब रहते हैं। इससे क्षयरोगी इलाज के लिए भटक रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे के रिकार्ड के मुताबिक जिले में 18 डाट्स सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसके बाद भी जांच और दवा के लिए क्षयरोगियों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। लोगों ने बृहस्पतिवार को पत्र भेजकर शासन से शिकायत की है। विशेष सचिव ने डीएम को जांच करने का निर्देश दिया है।
जिले में 18 डाट्स सेंटर हैं। सरसवां क्षेत्र के उमरावां गांव के रमाकांत मिश्रा, कौशाम्बी के जितेन्द्र कुमार, मंझनपुर के सुनील कुमार, कड़ा के मनोज कुुमार, अजुहा बृजेन्द्र कुमार, सिराथू के विकास कुमार आदि का कहना है कि गांवों में खोले गए डाट्स सेंटरों का संचालन सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है। आरोप है कि ज्यादातर केंद्रों में दवा और कर्मचारी नदारद रहते हैं। इससे बलगम की जांच और दवा की किड के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है। वहीं दवा के वितरण के नाम पर भी गड़बड़ी की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने जिलाधिकारी को जांच करने का निर्देश दिए हैं। मामले में सीएमओ राजकुमार मिश्रा का कहना है कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं थी। फिर भी यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। आरोप की पुष्टि होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।