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Kaushambi News: विवाहिता की मौत पर हंगामा, चार घंटे तक जाम रखा हाईवे

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प्रयागराज के करेली स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह विवाहिता की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजन महिला का शव बारा स्थित उस निजी अस्पताल में पहुंच गए जहां विवाहिता का पहले इलाज हुआ था।
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परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और जाम लगाकर विरोध किया। चार घंटे तक लगे जाम की वजह से यातायात प्रभावित रहा। पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हुए। स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही के साक्ष्य मिलने पर अस्पताल को सीज कर दिया गया।
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के झाड़ियां का पूरा गांव निवासी सरिता देवी (29) पत्नी रामसेवक की शुक्रवार सुबह प्रयागराज के करेली स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर बारा स्थित निजी अस्पताल पहुंच गए और करीब सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्पताल के सामने हाईवे पर जाम लगाकर विरोध किया।
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मृतका के पति रामसेवक और ससुर नन्हूं ने बताया कि सरिता के बच्चेदानी में दिक्कत थी। छह मार्च को उसे बारा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया। 12 मार्च को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
परिजनों का आरोप है कि घर लौटने के बाद भी सरिता की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। 15 और 16 मार्च को दोबारा अस्पताल जाकर दवा ली गई, लेकिन परेशानी बनी रही। 18 मार्च को फिर अस्पताल ले गए, तब भी हालत ठीक नहीं हुई। इसके बाद परिजन उसे सरायअकिल के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया।
वहां विवाहिता की मौत हो गई। कौशाम्बी प्रभारी कृष्ण कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अस्पताल के डॉ. संकल्प गुप्ता ने बताया कि मरीज का सफलतापूर्वक इलाज कर 12 मार्च को स्वस्थ हालत में छुट्टी दे दी गई थी। बाद में परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर चले गए, जहां यह घटना हुई।
सीओ जनेश्वर कुमार पांडेय ने बताया कि सरिता देवी नाम की महिला का पूर्व में बारा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उसे दूसरे अस्पताल लेकर चले गए। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजन बारा स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे व कार्रवाई की मांग करते रहे। सीएमओ की टीम की तरह से अस्पताल को सीज कर दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुक्तेश द्विवेदी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। अस्पताल को सीज कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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