सिराथू ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को आत्मरक्षा की जानकारी देते खंड प्रचारक।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को कस्बे में शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने नगर का भ्रमण कर राष्ट्रीय एकता, सनातन धर्म की रक्षा और आत्मरक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सिराथू ब्लॉक परिसर में शस्त्र पूजन के साथ हुई। तहसील प्रचारक धनंजय कुमार ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और सनातन धर्म की रक्षा के लिए हर हिंदू को सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सौर जागरण अभियान के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज में राष्ट्रप्रेम और धर्मनिष्ठा की भावना जागृत करना है।
शस्त्र पूजन के बाद ब्लॉक परिसर से पुलिस चौकी तालाब तक पथ संचलन हुआ, जिसमें 100 से अधिक स्वयंसेवक शामिल रहे। वाद्य यंत्रों की धुन पर स्वयंसेवकों ने अनुशासित पंक्तियों में मार्च करते हुए लोगों को एकजुटता का संदेश दिया।
इस दौरान प्रांत सह प्रचारक सीताराम केसरी ने कहा कि आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी, जिसका उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र को सशक्त बनाना है।
भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मराज मौर्या ने कहा कि विदेशी ताकतें भारत की संस्कृति और सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इन शक्तियों का मजबूती से मुकाबला कर रही है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी, पूर्व विधायक शीतल पटेल, चेयरमैन भोला यादव, लवकुश मौर्य, प्रमोद उपाध्याय, विपिन यादव और सुशील पांडे आदि मौजूद रहे।